कश्मीर में नौ जुलाई के बाद से असामान्य रहे हालात पर विपक्ष दो जनवरी को शुरू होने जा रहे रहे विधानसभा व विधान परिषद के बजट सत्र के आगाज पर राज्यपाल अभिभाषण में शोरशराबा कर व्यवधान डाल सकता है। इसके लिए विपक्षी दल तैयारी में जुटे हैं। लंगेट से निर्दलीय विधायक इंजीनियर अब्दुल रशीद पर खास नजर रहेगी।
विपक्षी दलों के नेताओं की माने तो इस बार विधानसभा का सत्र काफी हंगामेदार रहने के आसार है। इसके कई कारण है कश्मीर में पिछले पांच महीनों से जारी हालात के अलावा नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयानों से साफ हैं कि सरकार को घेरने का कोई मौका इस बार नेकां नहीं चूकेगी।
वहीं लंगेट से निर्दलीय विधायक गत वर्षों में भी राज्यपाल के अभिभाषण में व्यवधान डाल चुके है। इस बार भी उनपर खास नजर रहेगी।
हंगामेंदार हो सकता है विधानसभा का सत्र
जम्मू-कश्मीर विधानसभा
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विपक्ष कानून व्यवस्था की स्थिति, रियासत के हालात, भाजपा मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों, अस्थायी कर्मियों की दयनीय स्थिति, आए दिन धरना प्रदर्शन, सरहदी इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी, बेरोजगार युवाओं की संख्या में बढ़ोतरी, पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार के एजेंडा आफ अलायंस में किए वादों को पूरा न किये जाने समेत रिफ्यूजियों, विस्थापितों के मसलों पर भी शोरशराबा कर सकता है।
विधानसभा के बजट सत्र के लिए रणनीति तय करने के लिए सत्तापक्ष व विपक्ष (पार्टी स्तर पर) की विधायक दलों की बैठक एक जनवरी रविवार को होगी। इन बैठकों में बजट सत्र में यहां विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगा। वहीं सत्तापक्ष विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए रणनीति तय करेगा।