बर्फीले तूफानों के बीच जोजिला पास को खुला रखने में जुटी सेना और बीआरओ
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अधिकारी के मुताबिक इस काम में 5 डोजर, 5 स्नो कटर, 7 एक्सकेवेटर, 3 स्नो प्लौ जैसी मशीने इस्तेमाल में लाई जा रही हैं। सेना की सासे की टीम भी उनके साथ जोजिला पर तैनात है जो पल पल के मौसम के बदलाव की जानकारी उन तक पहुंचाती है। इसके आधार पर ही हर कार्य को अंजाम देने की योजना तैयार की जाती है। सासे टीम इलाके में हिमस्खलन की जानकारी भी देती है, जिससे क्लियरेंस का काम और गाड़ियों की मूवमेंट करवाई जाती है। किसी भी हादसे के लिए सेना, पुलिस और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन की टीमें पूरी तरह से तैयार हैं। एंबुलेंस और मेडिकल सुविधा का पूरा प्रबंध रखा गया है। यहां तक कि अवलांच रेसक्यू टीमें भी बनाई गई हैं जो ऐसी आपात स्थिति में रेसक्यू कार्य को अंजाम दे सके।
पुलिस अनुमति के बिना इस मार्ग पर सफर न करें : पोले
वहीं कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर पीके पोले ने कहा कि निश्चित रूप से सर्दियों में इस मार्ग पर गाड़ियों की मूवमेंट उचित नहीं है, लेकिन जब तक इसको खुला रख सकते हो तो वो रखना है। हादसों को लेकर पूरी एहतियात बरती जा रही है। पोले ने कहा कि कश्मीर संभाग वाली साइड से यह रोड प्रोजेक्ट बीकन और लद्दाख वाली साइड से प्रोजेक्ट हीमांक के पास है। जोजिला वाली साइड से इलाका दुर्गम है। हमारा प्रयास रहेगा कि रोड क्लियर होने पर भी लोग गाड़ियों को चेन लगाकर जाएं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जब तक यहां से गांदरबल पुलिस और वहां से कारगिल पुलिस अनुमति न दे तब तक लोग इस मार्ग पर ट्रैवल न करें। उन्होंने कहा कि दोनों नाके सुबह 10 बजे क्रॉस होने चाहिएं ताकि दिन के समय जोजिला को पार कर सकें। अगर बीच में बर्फबारी हो गई तो फंस सकते हैं।