फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑपरेशन सिंदूर : दुश्मन की 70 से अधिक पोस्ट को किया था तबाह, भागते नजर आए पाकिस्तानी रेंजर

विज्ञापन
विज्ञापन
-बीएसएफ ने सांबा, आरएसपुरा, सुंदरबनी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर पाकिस्तान की गोलाबारी का दिया था करारा जवाब
विज्ञापन




-बीएसएफ ने पाकिस्तान में लश्कर-ए-ताइबा के लॉन्च पैड लूनी सहित मस्कपुर और चकपुरा को भी किया था तबाह
अमर उजाला ब्यूरो



जम्मू। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पाकिस्तान को नाको चने चबाए। सांबा, आरएसपुरा, अखनूर और सुंदरबनी सेक्टर में बीएसएफ ने न सिर्फ पाकिस्तान से घुसपैठ को नाकाम किया, बल्कि गोलाबारी का भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए 70 से अधिक पोस्टों को भारी नुकसान पहुंचाया। कई पाकिस्तानी रेंजर पोस्ट छोड़ भाग गए। घुसपैठ के लिए तैयार तीन आतंकी लॉन्च पैड भी मिट्टी में मिला दिए।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर ने मंगलवार को प्रेस वार्ता की। इसमें पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाइयों का वीडियो दिखाया गया। फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद से यह तय था कि पाकिस्तान में पल रहे आतंकी संगठनों के खिलाफ भारत कार्रवाई करेगा। आतंक के खिलाफ स्ट्राइक के बाद यह भी आशंका थी कि पाकिस्तान कोई नापाक हरकत करेगा।
विज्ञापन

ऐसे में हमने मुस्तैदी बढ़ाकर जवानों की संख्या बढ़ा दी थी। इस बीच पाकिस्तानी रेंजर्स ने अग्रिम चौकियों पर आना छोड़ दिया था। सीमा पर नजदीक आने के बजाय उनकी गतिविधियां बॉर्डर आउट पोस्ट तक समिति हो गई थीं। बीएसएफ की रणनीति अलग थी। हमारे जवानों ने अग्रिम चौकियों पर डटकर पाकिस्तान की हर गतिविधि पर नजर रखी।
सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने हमारी पोस्ट को निशाना बनाकर भारी गोलीबारी की। ड्रोन हमलों व गोलाबारी में हमने बीएसएफ के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, कांस्टेबल दीपक कुमार और भारतीय सेना के नायक सुनील कुमार को खो दिया। इसके बावजूद हमारे जवान चौकियों पर डटे रहे। महिला बीएसएफ कर्मियों ने भी दुश्मन के हर नापाक मंसूबे को नाकाम किया।



-

पहले ही कर रखी थी तैयारी, हर हमले का दिया मुंहतोड़ जवाब



आईजी ने कहा, सात मई को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च होने से पहले ही तैयारियों को पुख्ता कर लिया था। जरूरी उपकरणों के साथ हथियारों की पोजीशन तय कर रखी थी। पाकिस्तान के सियालकोट जिले में लूनी, मस्कपुर, चकपुरा में आतंकी लॉन्च पैड की मैपिंग भी पहले से कर ली थी। इन लॉन्च पैड को ध्वस्त करना लक्ष्य था। क्योंकि सूचना थी कि इनसे आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। हमने पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया कि भारत और बीएसएफ किसी भी नापाक हरकत को सहन नहीं करेगा। पाकिस्तान ने हमारी 60 से अधिक पोस्ट को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे हमने नाकाम किया।



सीमापार फायरिंग में सांबा सेक्टर से घुसपैठ की थी आशंका



आईजी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों से बीएसएफ को इनपुट मिले थे कि सीमापार से फायरिंग की आड़ में आतंकी घुसपैठ कर सकते हैं। ऐसे में सीमा की चौकसी और बढ़ाई गई। आठ मई की रात को गश्त और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से पाकिस्तान के सियालकोट में 40-50 लोगों की गतिविधि का पता चला। समूह को तेजी से सीमा की तरफ बढ़ते देख बीएसएफ ने हमला कर दिया। कुछ समय बाद ही पाकिस्तानी पोस्ट से बीएसएफ की पोस्ट पर हमला हुआ। हमने हर हमले को नाकाम कर दिया। बीएसएफ के डीआईजी एसएस मंड ने बताया कि इनपुट्स से पता चला कि हमारे हमले में कई आतंकवादी, उनके समर्थक, रेंजर्स और अधिकारी घायल हुए।

-



सांबा में मुंह की खाई तो अखनूर में की गोलाबारी, बीएसएफ ने लूनी लॉन्च पैड किया ध्वस्त

सांबा में घुसपैठ की कोशिश में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान ने नौ मई को अखनूर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलाबारी की। सुंदरबनी सेक्टर के डीआईजी वरिंदर दत्ता ने बताया कि सूचना थी कि लूनी आतंकी लॉन्च पैड से आतंकवादी सीमापार से फायरिंग की आड़ में घुसपैठ करेंगे। हमने रणनीति के तहत चार अलग-अलग मोटर पोजिशन सेट किए, जिससे दुश्मन भ्रमित हो गया। हमने एक साथ गोलाबारी कर लूनी को ध्वस्त कर दिया।





अब्दुल्लियां गांव था निशाने पर, बीएसएफ ने हमले को किया नाकाम



डीआईजी सेक्टर मुख्यालय जम्मू चित्रपाल ने बताया कि नौ मई की शाम को आरएसपुरा सेक्टर में पाकिस्तान ने हमारी पोस्ट को टारगेट किया। वह अब्दुल्लियां गांव पर भी हमला करने की फिराक में था, क्योंकि यह रिहायशी इलाका था। हमारे जवानों ने इसका जवाब दिया। भोर में साढ़े चार बजे गोलाबारी कम हुई, तो दुश्मन ने ड्रोन की गतिविधि बढ़ाई। फिर अचानक पांच बजे पोस्ट को दोबारा निशाना बनाया। इसके बाद हमने सीमापार मस्कपुर में एक लॉन्च पैड पूरी तरह तबाह कर दिया। हमने पाकिस्तान के उन बंकर व चौकियों को भी ध्वस्त किया, जहां से वे हमारी पोस्ट पर हमले कर रहे थे। इस दौरान पाकिस्तान के कई जवान अपने पोस्ट छोड़कर भागते देखे गए।
विज्ञापन


-



सांबा में पोस्ट का नाम सिंदूर रखने का प्रस्ताव

बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के आईजी आनंद ने कहा कि पाकिस्तान से लोहा लेते हुए बलिदान हुए दो सीमा प्रहरियों की याद और सम्मान में दो सीमा चौकियों का नाम उनके नाम पर रखेंगे। इसके साथ ही सांबा में एक पोस्ट का नाम सिंदूर रखने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को बल के मुख्यालय और सरकार को भेजेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें