जम्मू-कश्मीर-हिमाचल की सीमा से सटे कठुआ जिले के बनी उपमंडल के संदरूण और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन 18 घंटे चला। फिलहाल सुरक्षाबलों को कुछ भी हाथ नहीं लगा है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। मंगलवार सुबह शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में पुलिस, सेना की टीए बटालियन, सीआरपीएफ और बीडीसी के साथ स्थानीय लोगों ने भी इलाके को खंगाला।
जम्मू-कश्मीर: एक व्यक्ति ने की नाका तोड़ने की कोशिश, सीआरपीएफ की फायरिंग में मौत
जानकारी के अनुसार हिमाचल की ओर से सुरक्षाबलों ने भी इलाके को खंगाला है, ताकि बीते दिन दिखे हथियारबंद संदिग्धों की हिमाचल की ओर जाने की संभावना को भी खत्म किया जा सके। घने जंगलों और दूरदराज के पर्वतों वाले इस इलाके में सुरक्षाबलों ने सतर्कता को बढ़ाते हुए स्थानीय लोगों को भी किसी भी तरह की संदिग्ध सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए कहा है।
संदरूण से सटे एक इलाके में सोमवार शाम और मंगलवार सुबह एक चरवाहे के शेड में सात हथियाबंद संदिग्ध राशन आदि लेने के लिए घुस आए थे और उसे धमकाया भी था। इसकी सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों की टीमें बनी को रवाना हो गई थीं। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर स्थित गढ़ माता मंदिर तक के इलाके को सुरक्षाबलों ने खंगाला है।
12 घंटे में सीआरपीएफ के दूसरे अधिकारी ने दी जान, जांच शुरू
बीते साल भी इन्हीं दिनों देखी गई थीं संदिग्ध गतिविधियां
बनी-भद्रवाह मार्ग पर बर्फ हटाने का काम बीते साल भी जारी था और इसी बीच सरथल और छत्रगलां के बीच कुछ संदिग्ध लोगों ने काम पर लगे लोगों को मशीनें हटाने और वापस जाने की चेतावनी दी थी। ग्रेफ की ओर से मामला प्रशासन और पुलिस के संज्ञान में लाया गया था जिसके बाद सर्च अभियाना चला था। बर्फ पिघलने के समय पटरी पर लौटते जनजीवन को देखते हुए इस तरह की घटना बीते साल भी सामने आई थी। इसकी वजह से कुछ दिन ग्रेफ ने भी काम बंद कर दिया था। पुलिस की ओर से इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाने और सुरक्षा का भरोसा दिए जाने के बाद ही काम शुरू हो पाया था।