शहर में कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटों के तार और विद्युत ट्रांसफार्मर के हाई वोल्टेज तार खुले में ही बिखरे हुए हैं। नगर निगम ने स्ट्रीट लाइटों को जलाने के लिए तारों को लगाया है, मगर तार खुले में हैं। इसकी चपेट में आने से हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। अधिकांश स्ट्रीट लाइट फुटपाथ पर लगाई गई है। फ्लाईओवर पर भी हाल कुछ ऐसा ही है।
इन तारों को हटाने या फिर बाक्स में रखने के लिए नगर निगम कोई कदम नहीं उठा रहा है। ये तार जमीन से मात्र आधा फुट की ऊंचाई पर हैं। गलती से हाथ लगने पर राहगीरों को करंट लग सकता है। तवी रिवर फ्रंट पार्क के पास भी ट्रांसफार्मर के तार खुले में ही हैं। इसके अलावा जम्मू विश्वविद्यालय के पास भी ट्रांसफार्मर के तार खुले में ही लटकी हुई है।
ज्यूल चौक पर भी स्ट्रीट लाइट के तार खुले में ही हैं। यहां से भी हर रोज सैकड़ों लोग गुजरते हैं। राहगीर दौलत राम, ज्ञान चंद, प्रकाश चंद ने बताया कि तार खुले में लटकी हैं। गलती से स्पर्श होने पर करंट लग सकता है। नगर निगम को तारों को स्ट्रीट लाइटें में लगे बाक्स में डालना चाहिए।
गोपाल सिंह और मनोज ने बताया कि ट्रांसफार्मर की हाई वोल्टेज तार भी खतरा बना हुआ है। तारों को जमीन से हटाना चाहिए। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त राजेश शर्मा ने कहा कि जल्द ही खंभों में लटकी तारों को हटाया जाएगा।