जनरल बस स्टैंड के प्रवेश द्वार से सटे फ्लाईओवर के नीचे गंदगी का आलम है। डोगरा चौक से लेकर बीसी रोड, बस स्टैंड से ठीक पहले तक गंदगी के बीच से गुजरना पड़ता है।
यहां पर बाहरी लोग आकर बसे हैं ये क्या करते हैं, कहां से किसलिए आए हैं, इसके बारे पुलिस को भी कुछ पता नहीं है। शहर के कुछ और इलाकों में भी ऐसे ही हालात हैं। ऐसे में ‘मॉडल सिटी’ का सपना कैसे साकार हो सकेगा।
नगर निगम ने डोगरा चौक को तो संवार दिया, लेकिन अन्य चौक चौराहों, पार्कों की तरफ किसी का कोई ध्यान नहीं दिया गया है। अधिकतर चौराहों की हालत दयनीय है। सतवारी चौक की रेलिंग टूटी है।
इसी तरह से कई वार्डों में पार्कों की हालत भी खस्ता है। बस स्टैंड के सामने फ्लाईओवर के नीचे बाहरी लोगों ने कब्जा किया है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के नेता पार्कों के सुधार के लिए प्रयासरत हैं।
उन्होंने शुक्रवार को नगर निगम के संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) को इसके बारे बताया। इसके बदले में संयुक्त आयुक्त आरएस जम्वाल ने जल्द से जल्द सुधार का आश्वासन दिया है, लेकिन फ्लाईओवर के नीचे रहने वाले लोगों को हटाने की जिम्मेदारी उन्होंने पुलिस पर डाल दी।