जम्मू। अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने और माथापच्ची से छुटकारा मिलेगा। आपको घर ही ड्राइविंग लाइसेंस पहुंच जाएगा। रूट परमिट सेवाओं को भी सरल बना दिया गया है, बशर्ते इसके लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी हों। ऑनलाइन आवेदन के समय आवेदनकर्ता को किसी तरह से भौतिक तौर पर पेश नहीं होना होगा और उसे अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। कुछ सेवाओं में आवेदनकर्ता को खुद या रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से दस्तावेज संबंधित अधिकारी को देने होंगे। कोविड महामारी और लोगों की सहूलियत के लिए परिवहन विभाग ने जम्मू-कश्मीर में अपनी 12 सेवाओं को ऑनलाइन किया है। इसमें ई- वाहन, ई-सारथी और ट्रेड प्रमाणपत्र सेवा शामिल होंगी। प्रदेश में पहली बार किसी विभाग ने इतने बड़े स्तर पर सेवाओं को ऑनलाइन किया है।
विभाग की ई-वाहन सेवा में डुप्लीकेट पंजीकरण प्रमाणपत्र, पंजीकरण प्रमाणपत्र में पता बदलवाना और रूट परमिट का नवीनीकरण शामिल होगा। इसी तरह ई सारथी सेवा में लर्नर लाइसेंस जारी करना, लर्नर लाइसेंस की अवधि बढ़ाना/नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना, ड्राइविंग लाइसेंस बदलना, ड्राइविंग लाइसेंस में बायोमीट्रिक में बदलाव शामिल है। ट्रेड प्रमाण पत्र में ट्रेड प्रमाण पत्र जारी करना और उसका नवीनीकरण शामिल होगा। ताजा लर्नर लाइसेंस के मामले में आवेदनकर्ता को लर्नर लाइसेंस टेस्ट में आना होगा और सारथी पोर्टल पर डाले गए दस्तावेज की जांच करवानी होगी। कुछ सेवाओं के लिए आवेदनकर्ता को खुद या रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से आरटीओ और एआरटीओ को दस्तावेज जमा करवाने होंगे। यह दस्तावेज असली होंगे। इसमें पंजीकरण प्रमाणपत्र के पते में बदलाव के लिए पूर्व पंजीकरण प्रमाणपत्र (असली), रूट परमिट के नवीनीकरण के लिए पूर्व रूट परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए पूर्व ड्राइविंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस के रिप्लेसमेंट के लिए पूर्व ड्राइविंग लाइसेंस और ट्रेड प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए पूर्व ट्रेड प्रमाणपत्र देना होगा। यातायात विभाग के आयुक्त प्रदीप कुमार की ओर से जारी आदेश में यह ऑनलाइन सेवाएं तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं।
फेसलेस, पेपरलेस, कैशलेस सेवाओं
से आएगा सुशासन: उपराज्यपाल
जम्मू। राजभवन में परिवहन विभाग की 12 ऑनलाइन सेवाओं का ई-उद्घाटन करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सुशासन की दिशा में पहले कदम के रूप में लोगों की सहूलियत के लिए फेसलेस, पेपरलेस और कैशलेस सेवाएं शुरू की गई हैं। इलेक्ट्रानिक सेवा वितरण प्रणाली से लोगों को परेशानी मुक्त सेवाएं देना उद्देश्य है। इन सेवाओं से पारदर्शी और जवाबदेह तंत्र मजबूत होगा।
प्रदेश में 20 लाख से ज्यादा वाहन पंजीकृत
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में सभी पंजीकृत वाहनों की संख्या 20 लाख से अधिक है। मार्च 2016 में पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की संख्या 10 लाख के आंकडे़ को पार कर गई थी। उस समय पंजीकृत वाणिज्यिक वाहनों की संख्या दो लाख का आंकड़ा पार कर गई थी।
नई सेमी और डीलक्स बसें लाई जाएंगी
जेएंडके रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन अपने बसों के बेड़े का विस्तार कर रहा है। सरकार द्वारा संचालित बसों की हर माह 20 लाख किलोमीटर की यात्रा क्षमता की जा रही है, जो वर्तमान में 15 लाख किलोमीटर है। मार्च 2021 तक 44 सीटर सेमी डीलक्स बसें, 20 सीटर डीलक्स बसें, स्लीपर कोच और ट्रक बेड़े में जोड़े जाएंगे। इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च एट कोट भलवाल और सांबा में निरीक्षण और प्रमाणपत्र केंद्र को मार्च 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। मुमकिन योजना के तहत मिनी वाणिज्यिक वाहन खरीदने के लिए युवाओं को शून्य मार्जिन मनी प्रदान की जा रही है। पहले चरण में सरकार ने अशोक लीलैंड के साथ भागीदारी की और ऐसे 10 वाहनों की डिलीवरी की है। टाटा समूह ने भी बातचीत में रुचि दिखाई है। उबेर ने जम्मू कश्मीर शहरों में अपनी सेवाएं प्रदान करने की रुचि दिखाई है।