प्रथम अतिरिक्त फारेस्ट मजिस्ट्रेट ने 15 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में तीन आरोपियों को एक साल कैद और 30 लाख रुपये जुर्माना भरने का फैसला सुनाया।
हरबंस सिंह निवासी सिंबल कैंप ने कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं पेश की। उन्होंने कोर्ट में चेक बाउंस की रसीद और बैंक मैनेजर के बयान भी दर्ज कराए। आरोपी दिव्या राइस मिल दबलैड़, प्रीतम सिंह और जसविंदर सिंह निवासी आरएस पुरा ने साढ़े आठ लाख रुपये और साढ़े छह लाख रुपये के दो चेक दिए। कच्ची छावनी स्टेट बैंक आफ इंडिया के चेक 28 जुलाई, 2010 और दो अगस्त, 2010 को जारी किए।
एक मामले में दिव्या राइस मिल के मालिक शिकायतकर्ता के पास आए और कहा कि वह 15 लाख रुपये दे। उसका व्यापार ठीक नहीं चल रहा है। वह इस रकम को सूद समेत लौटा देंगे। इसी तरह वह 2007 में भी आए थे। शिकायतकर्ता ने दो चेक दिए। इन दोनों चेक को आरोपी ने कैश भी कराया।
आरोपियों ने तय तारीख पर रकम लौटाने के लिए दो चेक दिए। पहला चेक पंजाब नेशनल बैंक मीरां साहिब का था, जोे कैश नहीं हुआ। शिकायतकर्ता को बताया गया कि वह तारीख भूल गए थे। दूसरा भुगतान स्टेट बैंक द्वारा किया जाना था, वह चेक बाउंस भी हो गया।
दो मामले अलग-अलग कोर्ट में दर्ज कराए गए। कोर्ट ने एडवोकेट केएस जोेहल, अशोक कुमार बसोत्रा और अनवर चौधरी की दलीलों पर एक साल कैद की सुजा सुनाई। असल रकम देने के अलावा तीस लाख रुपये जुर्माना के तौर पर भी देने के आदेश दिए।