दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के हकरीपोरा गांव में आतंकी अबु दुजाना के साथ मुठभेड़ के दौरान घायल एक अन्य प्रदर्शनकारी की बुधवार को अस्पताल में मौत हो गई। इसके साथ ही मरने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या दो पहुंच गई है। युवक की मौत की सूचना मिलते ही उसके पैतृक गांव में हिंसा भड़क उठी। लोग सड़कों पर उतर आए और सुरक्षा बलों पर जमकर पथराव किया। स्थिति बेकाबू होता देख सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। काफी देर तक हिंसक झड़पें चलती रहने से स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
ज्ञात हो कि मंगलवार को क्रास फायरिंग के दौरान प्रदर्शनकारी फिरदौस अहमद की मौत हो गई थी। मुठभेड़ स्थल से आतंकियों के फरार होने में मदद के लिए स्थानीय लोग काफी संख्या में मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से पहले तो आंसू गैस के गोले दागे गए। भीड़ ने पथराव तब भी बंद नहीं किया तो पेलेट गन चलाई गई।
इस दौरान पेलेट गन से जिले के गबरपोरा गांव का अकील अहमद भट भी घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए श्रीनगर के स्किम्स अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसने बुधवार को दम तोड़ दिया। गबरपोरा गांव में लोगों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएं, बच्चे तथा युवकों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर बरसाए। हाल गांव स्थित सीआरपीएफ कैंप पर भी पथराव किया। काफी देर तक झड़पें चलती रहीं। इस दौरान एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। इसके अलावा दक्षिणी कश्मीर के अन्य इलाकों में भी हिंसक प्रदर्शन हुए।