श्रीनगर। एक लाख करोड़ रुपये का ‘अर्बन चैलेंज फंड’ हमारे शहरों के बदलाव और उन्हें विकास केंद्र के रूप में विकसित करने में गेम चेंजर साबित होगा। पूरे देश में 300 शहरों के पुनर्विकास के लिए राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों और निजी कंपनियों की भागीदारी वाला यह कदम नवाचार व मजबूत बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देगा। जीवन स्तर में सुधार और शहरी नियोजन में स्थिरता को शामिल करेगा।
यह बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कही। वह वीरवार को श्रीनगर में ऑल इंडिया फोरम ऑफ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (एआईएफओरेरा) की गवर्निंग काउंसिल को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार का पूर्ण सहयोग जरूरी है। रेरा अधिनियम 2016 की ओर से लाई गई पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता से आवास खरीदने वालों के हितों की रक्षा होनी चाहिए। शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए बेहतर सिस्टम का होना आवश्यक है।
एलजी ने रियल एस्टेट क्षेत्र की जटिलताओं, चुनौतियों, संभावनाओं और अवसरों पर भी चर्चा की। उन्होंने निजी कंपनियों और रियल एस्टेट डेवलपर्स से किफायती आवास को बढ़ावा देने में अपनी बड़ी भूमिका निभाने को कहा। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, रियल एस्टेट सेक्टर विकसित भारत के विजन को साकार करने में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभर रहा है। तेजी से बढ़ता हुआ यह सेक्टर आम लोगों की आकांक्षाओं से प्रेरित है।
उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर को समावेशी विकास और शहरी बदलाव को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए। घर खरीदने के सपने देखने वालों के लिए निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। बोले, मैं चाहता हूं कि यह सेक्टर और अधिक प्रतिस्पर्धी बने ताकि विकास को बढ़ावा मिले। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाउसिंग नियमों में एकरूपता और सामंजस्य होना चाहिए।
एआईएफओरेरा की जर्नल और वार्षिक पत्रिका का विमोचन
कार्यक्रम में एलजी मनोज सिन्हा ने एआईएफओरेरा की जर्नल और 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। एआईएफओरेरा के चेयरमैन आनंद कुमार्, जम्मू-कश्मीर रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के चेयरमैन सत्येंद्र चंद्र, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की कमिश्नर सेक्रेटरी मंदीप कौर, विभिन्न रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटीज के चेयरमैन व अन्य अधिकारी सत्र में शामिल हुए।