सद्दल गांव में मलबे में दबे लोगों की तलाश का काम मंगलवार को भी जारी रहा, लेकिन कोई व्यक्ति या शव बरामद नहीं किया जा सका। उधर, डीसी उधमपुर ने चिरयाली, मुत्तल और समोले क्षेत्र का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं।
सद्दल गांव में सेना, एनडीआरएफ और पुलिस के डेढ़ सौ के करीब जवान भूस्खलन से मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे रहे। कई जगह पर खुदाई की गई। आधुनिक उपकरणों से मलबे को हटाया गया। बताया जा रहा है कि कई जगह पर कई फीट नीचे लोग दबे हो सकते हैं, जिसे निकालने के लिए जेसीबी की जरूरत होगी।
रास्ता नहीं होने के कारण जेसीबी नहीं पहुंचने के कारण दबे लोगों की तलाश में दिक्कतें आ रही हैं। इस क्षेत्र मे 34 लोगों के मारे जाने की पुष्टि प्रशासन ने की है। अभी तक 14 शवों को बरामद किया जा चुका है। 28 लोग अभी भी लापता हैं। इन लापता लोगों के भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
वहीं, डीसी यशा मुदगल ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। मुत्तल गांव में छह लोगों की मौत हो गई थी। उस गांव में भी दौरा करके लोगों की दिक्कतों को सुना। डीसी ने तहसीलदार उधमपुर को आदेश दिया कि प्रभावित लोगों को तुरंत कंबल मुहैया कराए जाएं। राहत कार्यों में तेजी लाए जाए।
बाढ़ से टूटे घरों और समोले के टूटे हुए पुल का भी निरीक्षण किया। इंदिरा आवास योजना के तहत टूटे हुए घरों के मालिकों को मुआवजा देने और टूटे पुल की तुरंत मरम्मत करने के भी आदेश दिए गए। इस दौरान तहसीलदार संजय बडयाल, सरपंच व पंच भी मौजूद थे।