रियासत में लगातार बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है। वीरवार को ताजा बर्फबारी से पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन पटरी से उतर गया। काजीगुंड, बनिहाल, पतनीटॉप आदि जगहों पर भारी बर्फबारी हुई। बिजली-पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। बर्फबारी की वजह से बंद हुए जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर कल जगह-जगह यातायात ठप रहा।
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शुक्रवार को हाइवे को एक तरफ से खोल दिया गया है। शुक्रवार को जम्मू से श्रीनगर के लिए वाहनों को रवाना किया जा रहा है। इसी तरह शनिवार को वाहन श्रीनगर से जम्मू की ओर आएंगे। बर्फबारी के चलते रामबन और जवाहर टनल का यातायात प्रभावित हुआ है। वीरवार को करीब 200 से अधिक बड़े वाहनों को जवाहर सुरंग से पहले ही काजीगुंड के पास रोक दिया गया।
नेशनल हाईवे के यातायात एसएसपी संजय कोतवाल ने बताया कि नगरोटा, बनिहाल, उधमपुर, रामबन के पास 950 से अधिक वाहन फंस गए थे। 300 वाहनों को कश्मीर से जम्मू के लिए छोड़ा गया था। 100 वाहनों को जम्मू से कश्मीर के लिए छोड़ा गया। 300 वाहन डोडा, किश्तवाड़, रामबन बनिहाल लोकल रूट के छोड़े गए।
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150 ट्रकों को छोड़ा गया। डोडा, किश्तवाड़ और भद्रवाह में बर्फबारी की वजह से फंसी 100 बसों को भी निकाला गया। हाइवे बंद होने से बड़ी संख्या में लोग जम्मू और श्रीनगर में भी फंसे रहे।
मुगल रोड को भी बंद किया गया
व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने वाला तीन सौ किलोमीटर लंबा श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग जवाहर सुरंग, पतनीटॉप और बनिहाल के इलाकों में हुए हिमपात की वजह से बंद हो गया था। श्री माता वैष्णो देवी की त्रिकुटा पहाड़ियों में भी सफेद चादर बिछ गई है। लेह माइनस 6.2 तापमान के साथ सबसे सर्द इलाका बना हुआ है।
गौरतलब है कि जवाहर सुरंग के अलावा घाटी के गुलमर्ग, टंगडार, राजधान पास, लोलाब, गुरेज में दो से तीन फुट बर्फबारी हुई है, जबकि शोपियां में मुगल रोड और पीर पंजाल पहाड़ियों पर भी भारी बर्फबारी हुई है। जिसके चलते कश्मीर को पुंछ-राजोरी से जोड़ने वाला मुगल रोड यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
वहीं राजधान पास के बंद होने से नियंत्रण रेखा को जाने वाले करीबन सभी रास्ते भी बंद हो गए हैं। साथ ही श्रीनगर-कारगिल राजमार्ग पर गगंगीर, जोजिला पास, सोनमर्ग में भी भारी बर्फबारी हुई है, जिसके चलते श्रीनगर-कारगिल राजमार्ग भी यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
वहीं मौसम विभाग के अनुसार, अभी भी 48 घंटे से अधिक समय तक कश्मीर घाटी के साथ-साथ जम्मू संभाग के ऊपर पश्चिमी दबाव बना रहेगा, जिससे पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना बनी रहेगी।
उधमपुर के पहाड़ी क्षेत्रों के अलावा रामबन, किश्तवाड़, भद्रवाह में कसबों में भी बर्फबारी हुई है। त्रिकुटा पहाड़ियों पर बर्फबारी के बावजूद श्री माता वैष्णो देवी के लिए हवाई सेवा जारी है। पुंछ के सुरनकोट, मंडी और राजोरी के पीर पंजाल के पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है।
कठुआ जिले के डुग्गन, डग्गर, कोटी चंडियार, बांजल, जोडे़यां माता पर्वत, भंडार, संदरून और सरथल में बीती रातभर बर्फबारी होती रही। बर्फबारी से बनी-डग्गर और बनी-लोआंग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। बनी-बसोहली मार्ग पर मंगियार, सियारा और करड़ोह में पस्सी आने से आवागमन प्रभावित हुआ।
महानपुर, बसोहली और बिलावर के पर्वतीय इलाकों में बारिश-बर्फबारी से दिनभर बिजली का संकट बना रहा। जम्मू में 11 मिलीमीटर, श्रीनगर में 3.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।