जम्मू में कोविड के नए प्रारूप ओमिक्रॉन के तीन मामले आने के बाद प्रदेश में कोरोना रोकथाम की सख्त पाबंदियां लागू होने जा रही हैं। मुख्य सचिव ने बैठक बुलाकर सभी जिला उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश जारी कर कहा है कि भीड़ लगती है या फिर सामाजिक दूरी जैसे कोविड नियमों का पालन नहीं होता है तो रात्रि कर्फ्यू या फिर इससे भी आगे बढ़कर सख्ती पाबंदियां लागू करें।
प्रदेश में कोरोना जांच बढ़ाने के निर्देश
मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक कर सभी उपायुक्तों को बड़ी सभाओं में भीड़ कम करने के साथ कोविड उपयुक्त व्यवहार (कैब), कोविड एसओपी/प्रोटोकॉल और माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर सख्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ओमिक्रॉन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि ओमिक्रॉन नया प्रारूप डेल्टा प्लस से 3-4 गुना अधिक संक्रामक है, जिसका दायरा बढ़ सकता है।
जम्मू में मिले तीनों ओमिक्रॉन मामलों का यात्रा इतिहास नहीं
जम्मू में मिले तीनों ओमिक्रॉन मामलों में किसी का भी यात्रा इतिहास नहीं है। जिला प्रशासन संक्रमितों के लिए कोविड परीक्षण, संपर्क मामलों की पहचान और प्रारंभिक चरण में माइक्रो कंटेनमेंट जोन स्थापित करने पर काम करें। संभागीय और जिला प्रशासन माइक्रो कंटेनमेंट जोन के आसपास बफर जोन स्थापित करने और संक्रमण के प्रसार की निगरानी को बढ़ाया जाए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को शेष पात्र आबादी के पूर्ण टीकाकरण को पूरा करने के अलावा निवारक उपायों और कोविड उपयुक्त व्यवहार पर जन जागरूकता पैदा करने के लिए कोविड समर्पित आईईसी अभियान को तेज करने के लिए कहा गया है।
सरकारी कार्यालयों में सीएबी पर सख्ती करें
मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कार्यालयों में कोविड उपयुक्त व्यवहार (कैब) का पालन सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं। इसमें विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। खासतौर पर उद्योगों और परिवहन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए।
दवाएं, ऑक्सीजन, मशीनरी व पर्याप्त स्टाफ तैनात करें
जम्मू-कश्मीर में ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद स्वास्थ्य विभाग को संपूर्ण श्रमशक्ति और मशीनरी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें ऑक्सीजन आपूर्ति और दवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित बनाया जाए। कोविड से संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाया जाए।
इसमें कोविड समर्पित अस्पताल, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन युक्त बिस्तर और ऑक्सीजन प्लांट शामिल हैं। विभाग को हवाई सुविधा पोर्टल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी करने और संबंधित मामलों में उनके परीक्षण, क्वारंटीन और उपचार के लिए उचित व्यवस्था करने को कहा गया।