रियासत में एनएचपीसी की जल विद्युत परियोजनाओं के उद्घाटन में देरी से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला खफा है। उनकी नाराजगी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए टू से है।
उमर को इस बात का अफसोस है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिन पावर प्रोजेक्टों का उद्घाटन रियासत में कर रहे हैं, यह काम पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कर सकते थे।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कंगन में जनसभा को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह दर्द बयान किया।
'यूपीए टू का श्रेय भाजपा ले रही है'
बकौल उमर अब्दुल्ला मोदी देश के प्रधानमंत्री है। वह मंगलवार को लद्दाख दौरे पर आ रहे हैं, उनका स्वागत है।
कारिगल में चुतक और लेह में नीमो बाजमों पावर प्रोजेक्ट यूपीए टू के कार्यकाल में ही तैयार हो गए थे, लेकिन उस समय के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन नहीं किया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि खुद यूपीए टू ने प्रधानमंत्री मोदी को इन पावर प्रोजेक्टों के उद्घाटन का मौका तोहफे के रूप में दिया। इसका श्रेय अब एनडीए और भाजपा ले रही है।
यह अफसोस उन्हें जरूर है। गौरतलब है कि इससे पूर्व प्रधानमंत्री मोदी उड़ी पावर प्रोजेक्ट को भी राष्ट्र को समर्पित कर चुके हैं।
नेकां के वोट बैंक में बिखराव
साझा सरकार में नेकां की घटक दल कांग्रेस से लोकसभा चुनाव में गठबंधन करने और विधानसभा चुनाव अलग लड़ने के फैसले पर उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि लोकसभा चुनाव में इससे कोई फायदा नहीं हुआ।
इसे नेकां के वोट बैंक में बिखराव हुआ और हम चुनाव हारे। उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को इस संबंध में कांग्रेस की आधिकारिक घोषणा से पूर्व ही अवगत करा दिया था।