जम्मू-कश्मीर बिजली क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भता की ओर बढ़ रहा है। वह दिन दूर नहीं है जब उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य रियासत की बिजली का इस्तेमाल करेंगे। आज मुख्यमंत्री उमर अब्दु्ल्ला ने तीन नए रिसीविंग स्टेशनों का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि जल्द ही रियासत का उत्पादन बढ़ेगा और हम बाहरी राज्यों को बिजली बेच सकेंगे। उन्होंने अनंतनाग और पुलवामा जिलों में तीन रिसीविंग स्टेशनों को शुरू किया। इस दौरान उमर सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी जिक्र करना नहीं भूले।
बता दें कि डांडीपोरा रिसीविंग स्टेशन पर कुल 194 लाख की लागत आई है, मरहामा स्टेशन को 207 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। पुलवामा जिले के खलेन क्षेत्र में तैयार रिसीविंग स्टेशन पर 205 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है।
'अब बिजली ही बचा सकती है'
इस अवसर पर वहां मौजूद स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनको मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य को बिजली पैदवार क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना चाहती है और इस दिशा में उसने काफी कुछ हासिल भी किया है।
लोगों को बिजली की समस्या से जूझना नहीं पडे़, इसके लिए राज्य में कई पन बिजली योजनाओं को शुरू किया गया था। इनमें से कई को पूरा कर लिया गया है, जबकि कुछ पर काम जारी है।
सरकार राज्य में बिजली आपूर्ति 24 घंटे के लिए उपलब्ध करवाना चाहती है। पैदा की हुई बिजली में से कुछ बिजली अन्य राज्यों को बेचकर अतिरिक्त राजस्व हासिल करने पर भी विचार कर रही है।
50 गांवों को को मिलेगा लाभ
उमर ने कहा कि बिजली की अधिकतम पैदावार से ही राज्य के वित्तीय संकट में सुधार किया जा सकता है। यही एक सेक्टर है, जो राज्य को अधिक धन हासिल करने में सहायक साबित हो सकता है।
बनाए गए तीन रिसीविंग स्टेशनों का जिक्र करते हुए उमर ने कहा कि स्थानीय लोगों की एक पुरानी मांग को सरकार ने पूरा कर दिया है। इनसे क्षेत्र के 50 गांवों में रहने वाले 10500 लोगों को लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रकार के अन्य दूरदराज ग्रामीण इलाकों में ऐसे ही स्टेशन स्थापित करने पर विचार कर रही है ताकि लोगों को इस समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके।