उमर अब्दुल्ला ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1998 में लोकसभा के सदस्य के रूप में की थी। इसके बाद, उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिनमें केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता के पद शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में उमर अब्दुल्ला की यह दूसरी पारी होगी। इससे पहले, उन्होंने 2009 से 2014 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था। उमर अब्दुल्ला की शपथ ग्रहण समारोह में कई महत्वपूर्ण नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
11 अक्तूबर को सरकार बनाने का दावा किया था पेश
नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने 11 अक्तूबर, शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का दावा पेश किया था। मुख्यमंत्री पद के लिए मनोनीत उमर अब्दुल्ला ने राजभवन में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी। कांग्रेस की ओर से नेकां उपाध्यक्ष को समर्थन देने के कुछ घंटों बाद सिन्हा के साथ अपनी मुलाकात के दौरान अब्दुल्ला ने गठबंधन सहयोगियों की ओर से समर्थन पत्र प्रस्तुत किए थे। उमर को वीरवार को सर्वसम्मति से नेकां विधायक दल का नेता चुना गया था।