परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी ने पैनल से कहा है कि उसका अस्तित्व ही अवैध है। हमने पुनर्गठन अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसका अर्थ है कि परिसीमन आयोग को भी चुनौती दी गई है। इसलिए हम तेजी से सुनवाई चाहते हैं और अदालत से फैसला लेना चाहते हैं।
बारामुला में हिजाब संबंधी आदेश गलत
बारामुला के एक विशेष स्कूल द्वारा अपने शिक्षकों को हिजाब नहीं पहनने के लिए कहने के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्कूल की ओर से गलत था।
उन्होंने कहा, इस देश में हर किसी को अपने धर्म का पालन करने की आजादी है। यह हमारे संविधान में निहित है कि हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं, जिसका अर्थ है कि सभी धर्म समान हैं। मुझे नहीं लगता कि इसमें किसी सरकार को दखल देना चाहिए। हम चाहेंगे कि इस तरह के फैसले न लिए जाएं। सभी धर्मों के लोगों को अपने धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे राजनीति के लिए माहौल बनाने का प्रयास बताया।
पीएजीडी को चुनाव लड़ना चाहिए
यह पूछे जाने पर कि क्या पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ेगी, अब्दुल्ला ने कहा कि यह निर्णय लेने वाले नेताओं को करना है। मैं पीएजीडी का पदाधिकारी नहीं हूं। लेकिन मैं अपनी निजी राय दे सकता हूं... मैं चाहूंगा कि पीएजीडी गठबंधन के रूप में चुनाव लड़े। हमें बीजेपी और उसकी बी टीम और सी टीम को वोट बांटने नहीं देना चाहिए।