नेशनल कॉन्फ्रेंस की एक रैली को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार कहा है कि जम्मू-कश्मीर को उचित समय पर राज्य का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन अब सवाल है कि वह सही समय कब आएगा।
दिल्ली चलो प्रदर्शन की तैयारी को लेकर आयोजित रैली में उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर राजनीतिक दलों को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां भाजपा सीधे सत्ता हासिल नहीं कर पाती, वहां वह बैकडोर तरीके से सरकार बनाने की कोशिश करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा बहाल करना कोई एहसान नहीं है, बल्कि यह जनता से किया गया वादा है। उन्होंने कहा कि यह वादा केवल नेशनल कॉन्फ्रेंस से नहीं, बल्कि 2024 के विधानसभा चुनाव में भाग लेने वाली सभी राजनीतिक पार्टियों और जम्मू-कश्मीर के लोगों से जुड़ा है।
उमर अब्दुल्ला ने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान ऐसा कोई भाजपा उम्मीदवार दिखाएं जिसने जनता से राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा न किया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को नेशनल कॉन्फ्रेंस के वादे तो याद रहते हैं, लेकिन अपने किए वादे याद नहीं रहते।
वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि स्थिति सामान्य होने के बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा।