चौदह माह तक सन्नाटे के बाद वीरवार को गुपकार रोड स्थित फेयरव्यू का नजारा बदला-बदला था। सियासी लोगों की आवाजाही के साथ ही पीडीपी कार्यकर्ता और नेता बड़ी संख्या में वहां सुबह से ही वहां पहुंच रहे थे। कश्मीर की राजनीति में कद्दावर नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला बेटे उमर के साथ महबूबा मुफ्ती से मिलने पहुंचे। औपचारिकताओं के साथ ही सियासी बातें भी हुई और तय हुआ कि भविष्य की रणनीति पर चर्चा के लिए गुरुवार को महबूबा फारुक के आवास पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगी और गुपकार घोषणा पर हस्ताक्षर भी करेंगी।
यह बैठक शाम 4 बजे डॉ. फारूक अब्दुल्ला के निवास पर बुलाई गई है। गुपकार घोषणा का हिस्सा रहे सियासी दलों की यह तीसरी बैठक होगी। इस गुपकार घोषणा में नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, काँग्रेस एवं अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कुछ अन्य क्षेत्रीय दल शामिल हैं।
14 महीने की नजरबंदी से रिहा हुई पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के गुपकार स्थित घर पर उनसे मिलने वालों का तांता बुधवार सुबह से शाम तक लगा रहा। महबूबा से मिलने के लिए पीडीपी के कुछ सीनियर नेता और पार्टी कार्यकर्ता भी पहुंचे। पीडीपी प्रवक्ता सुहेल बुखारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महबूबा मुफ्ती की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिसकी सुनवाई दो सप्ताह पहले हुई और अगली सुनवाई दो दिन बाद होनी थी। इसलिए सरकार को उन्हें रिहा करना पड़ा। उन्होंने बताया कि बुधवार को कुछ सीनियर नेता और पार्टी कार्यकर्ता महबूबा मुफ्ती से मिले।
बुखारी ने यह भी कहा कि जहां तक महबूबा मुफ्ती के दृष्टिकोण का सवाल है, वह उन्होंने अपनी रिहाई के बाद जारी किए गए ऑॅडियो के जरिये स्पष्ट कर दिया है। कहा, हमारा यह मानना है कि जो हमारे साथ हुआ वो गलत हुआ। जो कुछ हमसे गैर कानूनी तरीके से छीना गया है उसे वापस लेने के लिए हम जद्दोजहद जारी रखेंगे। अनुच्छेद 370 की वापसी की लड़ाई केवल पीडीपी की लड़ाई नहीं है यह पूरे जम्मू-कश्मीर के लोगों की लड़ाई है। बुधवार को महबूबा से मिलने वालों में एआर वीरी, ग़ुलाम नबी लोन हंजूरा, एजाज अहमद मीर, खुर्शीद आलम, डॉ. हरबख्श सिंह, सुहेल बुखारी के अलावा अन्य नेता शामिल थे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि महबूबा ने इन सभी के साथ मुलाकात की और मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद किया।
उमर बोले, बिना किसी सियासी मकसद के मिलने आया
पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला अपने बेटे उमर अब्दुल्ला के साथ महबूबा मुफ्ती से मिलने उनके घर पहुंचे और हाल जाना। उमर खुद गाड़ी चलाकर अपने पिता के साथ फेयरव्यू गुपकार पहुंचे और काफी देर तक दोनों ने महबूबा मुफ्ती के साथ बातचीत की। इस दौरान उमर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, लगभग साढ़े चौदह माह बाद सुप्रीम कोर्ट के दखल से महबूबा मुफ्ती को मंगलवार रात नजरबंदी से रिहा किया गया। हम आज बिना किसी सियासी मकसद के यहां सिर्फ उनका हाल पूछने आए हैं।
एएनसी की खालिदा शाह ने फोन पर जाना हाल
अवामी नेशनल कांफ्रेंस (एएनसी) की संरक्षक खालिदा शाह ने फोन पर महबूबा मुफ्ती का हाल जाना। खालिदा शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की खोई हुई साख को वापस पाने के लिए हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं शाह ने पीडीपी प्रमुख की रिहाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर में और बाहर की जेलों में बंद एआईपी प्रमुख एनगिंसर रशीद सहित सभी राजनीतिक कैदियों को छोड़ दिया जाएगा।