नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि आरएसएस द्वारा एसीआर लिखे जाने संबंधी मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की स्वीकारोक्ति ने नेकां के उस दावे की पुष्टि कर दी है जिसमें यह कहा गया था कि पीडीपी रियासत के पावर कैपिटल को नागपुर शिफ्ट करना चाहती है।
उमर एक अखबार को मुफ्ती द्वारा दिए गए इंटरव्यू पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उमर ने कहा कि इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि कश्मीर के लिए एक अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री मोदी केवल आईबी की रिपोर्ट पर विश्वास नहीं करते हैं। वे आरएसएस से बात कर फीडबैक लेते हैं।
वह देखते हैं कि मुफ्ती गंभीर हैं और सरकार मेहनत से काम कर रही है। इस वजह से वे यहां आ रहे हैं। उमर ने कहा कि पहले ही उन्होंने कहा था कि पीडीपी ने मुख्यमंत्री कार्यालय की राजनीतिक तथा संस्थागत पवित्रता को आरएसएस के आगे गिरवी रख दिया है।
उस समय तो पीडीपी नेताओं ने इसका विरोध किया था, लेकिन, आज मुफ्ती ने यह स्वीकार कर लिया कि वे मोदी पर इस वजह से विश्वास करते हैं क्योंकि वह उनके बारे में आरएसएस से फीडबैक लेते हैं। कहा कि अब तो रियासत की जनता को पीडीपी-आरएसएस गठजोड़ के बारे में स्पष्ट रूप से बता दिया जाना चाहिए।
मुफ्ती के बयान पर नाखुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी कश्मीर के पैकेज के विषय में न तो बात की और न ही मांग की। चुनाव के दौरान पीडीपी ने प्रभावी तथा समयबद्ध पुनर्वास का बाढ़ प्रभावितों को भरोसा दिलाया था। यह हजारों बाढ़ प्रभावितों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।