पाकिस्तान और बांग्लादेश के कई नागरिकों की सजा पूरी हो जाने के कारण अब उन्हें जेल से निकाल कर दमकल विभाग के क्वार्टरों में रखा जाएगा। इन क्वाटरों को होल्डिंग सेंटर बनाने की योजना को अमल में लाया गया है।
राज्य के अलग-अलग जेलों में सजा भुगत चुके विदेशी नागरिकों को यहां तब तक ठहराने की व्यवस्था की जाएगी, जब तक उनका देश उन्हें स्वीकार नहीं कर लेता। या फिर उन्हें अपने वतन जाने के लिए कानूनी और कागजी कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती।
इन विदेशी नागरिकों में कई पूर्व आतंकी भी हैं। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के तहत सजा पूरी हो जाने के बाद किसी को जेलों में नहीं रखा जा सकता। दमकल विभाग के क्वार्टरों में ऐसे 27 लोगों को फिलहाल ठहराया जा रहा है।
दमकल विभाग के क्वार्टरों में ठहराने की प्लानिंग
जिन्हें उनके वतन ने वापस लेने से इनकार कर दिया है या उनके दस्तावेज अधूरे हैं। इस फैसले से तिलक नगर के लोगों में असुरक्षा की भावनाएं भी पैदा होने की संभावनाएं है। हालांकि होल्डिंग सेंटर में रखे जाने वाले विदेशी नागरिकों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार उधमपुर शहर के बीचोबीच दमकल विभाग के क्वार्टरों से कर्मचारियों को कुछ दिन पहले ही बाहर निकाल दिया गया। इन कर्मचारियों को टेंटों में रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
इन कर्मचारियों द्वारा खाली किए गए क्वार्टरों में जिला प्रशासन ने विदेशी कैदियों को रखने के आदेश दिए हैं। अवैध तरीके से सीमा पार, बिना पासपोर्ट के रियासत में प्रवेश करने के अलावा आतंकवाद के लिए काम कर चुके आतंकियों को तिलक नगर में बसाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
दमकल कर्मियों को निकालकर खाली करवाए क्वार्टर
गौर रहे कि तिलक नगर का नाम शहीद तिलक राज के नाम पर रखा गया है। तिलक राज राजौरी में बम निरोधक दस्ते में शामिल थे। विस्फोटक को निरस्त करने के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
यह भी बता दें कि जिस जगह पर दमकल विभाग के क्वार्टर हैं, वहां पहले पुरानी जेल हुआ करती थी। जेल शिफ्ट होने के बाद इन्हें दमकल विभाग के कर्मचारियों को सौंपा गया। अब उनसे भी क्वार्टर खाली कराए जा चुके हैं।
फिलहाल सोलह-सत्रह लोगों को ही होल्डिंग सेंटर में रखा जाएगा। इनमें से ज्यादातर बांग्लादेशी हैं। सभी सजा काट चुके हैं। इन पर नजर रखने के लिए ही होल्डिंग सेंटर बनाया गया है। जैसे ही इनके देश से कोई फरमान आता है या फिर वापसी के आदेश मिलते हैं।
नगर में बसाने का हो रहा विरोध
वहीं उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी गरीब दास ने कहा कि इन्हें तुरंत वापस अपना वतन भेज दिया जाएगा। संबंधित देशों से संपर्क किया जा चुका है। सजा पूरी कर चुके नागरिकों की संख्या बढ़ सकती है।
जेल से सजा काट चुके कैदियों को तिलक नगर में बसाने का जीओ और जीने दो संगठन ने विरोध जताया है। संगठन के अध्यक्ष तारिक शाह के अनुसार इनमें आतंकी गतिविधियों में शामिल लोग भी हैं।
तिलक नगर में बसाकर शहीद का अपमान किया गया है और प्रशासन से अपील की है कि इन लोगों को शहर के बाहर बसाया जाए। इस संबंध उन्होंने प्रदर्शन भी किया और कहा अपनों को बेघर करके बाहरी लोगों को बसाना देशभक्त लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ है।