पिछले दिनों आई प्राकृतिक आपदा में जो सद्दल गांव पूरी तरह तबाह हो गया, 35 लोग मलबे में दब गए, अब तक 24 शव निकाले जा चुके हैं, कई शवों के तो केवल हिस्से ही मिले, उसी मलबे से डेढ़ महीने बाद एक कुत्ता सुरक्षित बाहर निकल आया।
उसे मामूली चोट है। मलबे की खोदाई में लगी राष्ट्रीय आपदा राहत की टीम के सदस्य कुत्ते को देख भौचक्क रह गए। अब पशुपालन विभाग चोटिल कुत्ते का इलाज कर रहा है।
सात सितंबर को भारी बारिश के बाद सद्दल में भूस्खलन के बाद कई मकान दब गए थे। उसी समय से यहां खोदाई चल रही है। रविवार को खोदाई के दौरान एक स्थान से घर की दीवारें तथा छत का मलबा बरामद होने लगा।
24 की हुई थी मौत, अभी भी निकल रहे शव
इसी बीच मलबे के भीतर से कुछ आवाजें आने लगीं। आवाज वाले स्थान पर खोदाई शुरू की गई तो वहां से एक कुत्ता निकला। बाहर निकलते ही वह जोर-जोर से भौंकना शुरू कर दिया।
खोदाई में जुटे कर्मचारियों के अनुसार जो मकान टूटा था, उसमें लगा एक शहतीर भी गिरा था। इसी शहतीर के नीचे कुत्ता छिपा हुआ था। लेकिन उस पर भारी मात्रा में मलबा था। कुत्ता सांस कैसे लेता रहा, यह करिश्माई बात है।
चूंकि भूस्खलन के बाद गांव के सारे लोग सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। इस वजह से फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि कुत्ता किसका है। आशंका है कि मकान के मलबे के नीचे ही घर के सारे सदस्य दब गए होंगे।
दिखने लगी उम्मीद, खोदाई में आई तेजी
जिस जगह पर कुत्ता मिला है, उस स्थान को खोदने का काम तेज कर दिया गया है। संभावना है कि इस मलबे में कुछ लोग दबे हो सकते हैं। फिलहाल कोई शव बरामद नहीं हो सका है।
वहीं एसपी खलील पोसवाल का कहना है कि मलबे से जिंदा निकले कुत्ते को सुरक्षित जगह पर रखा गया है। उसके मालिक का पता किया जा रहा है। उसे उपचार भी दिया जा रहा है। इसी गांव के 28 लोग अब भी लापता हैं, जिनका कोई पता नहीं चल पाया है। राष्ट्रीय आपदा राहत टीम दो जेसीबी मशीनों के साथ शवों की तलाश में जुटी है।