केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा सराफा व्यापारियों पर लगाए गए अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी का असर देशभर के साथ जम्मू में भी दिखा। जम्मू के लगभग दो हजार सराफा और स्वर्णकारों के व्यापारिक संस्थान बंद रहे।
एक दिन के बंद के दौरान लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। शहर के लखदाता बाजार, जैन बाजार, अपर बाजार, तालाब तिल्लो, जानीपुर, नानक नगर, बाहु प्लाजा स्थित सराफा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।
जम्मू सराफा एसोसिएशन के प्रेसीडेंट परजान कुमार जैन और स्वर्णकार संघ (जम्मू संभाग) के प्रेसीडेंट राज कुमार जैन ने कहा कि उन्हें एक्साइज ड्यूटी का उतना नुकसान नहीं है, जितना एक्साइज विभाग की खाता बही का है।
इससे एक बार फिर इंस्पेक्टर राज स्थापित होगा। उनका कहना है कि स्वर्ण कारीगर अनपढ़ है। वह एक्साइज विभाग के खाता बही को संभाल नहीं सकता। व्यापारियों ने घोषणा की कि वीरवार से जम्मू के अलावा पूरे संभाग के सराफा व्यापारी और स्वर्णकार शामिल होंगे।
यदि फिर भी वित्त मंत्री ने प्रस्तावित एक्साइज ड्यूटी को वापस नहीं लिया तो कड़ा संघर्ष किया जाएगा। शहर का सबसे व्यस्त जैन बाजार, लखदाता बाजार, अपर बाजार में सुबह से ही सराफा व्यापारियों ने एकजुट होना शुरू कर दिया।
जगह-जगह पर सराफा व्यापारी केंद्र सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। व्यापारी अपने शो रूम के बाहर समूह बनाकर खड़े नजर आए।
सराफा एसोसिएशन और स्वर्णकार संघ ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जम्मू संभाग) की हुई बैठक में फैसला लिया गया कि कल से बंद अन्य क्षेत्रों में भी किया जाएगा।