जम्मू संभाग में बसोहली प्रशासन की ओर से 30 जून को चिन्हित की गई जगह पर संक्रमित मृतक महिला के दाह संस्कार में लोगों द्वारा आपत्ति जताए जाने के मामले में घगरोड़ के नंबरदार और चौकीदार पर गाज गिरी है। इनके खिलाफ जांच शुरू करते हुए निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में नायब तहसीलदार जाकिर हुसैन को जांच का जिम्मा सौंपा है और एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। तब तक नंबरदार और चौकीदार का चार्ज नंबरदार मंडला और चौकीदार पलाख को दिया गया है।
एडीसी बसोहली तिलक राज थापा ने बताया कि जिस तरह लोगों ने इस मुद्दे को उठाया है, वह सरासर गलत है। इस मसले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने पर यह कार्रवाई की गई है। सरपंच पर भी कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी बसोहली को लिखा गया है।
घगरोड के सरपंच राजेंद्र कुमार का कहना है कि लोगों ने प्रशासन द्वारा चयनित जगह पर संस्कार करने के लिए आपत्ति इसलिए जताई थी, क्योंकि वहां आवाजाही ज्यादा थी और लोग मवेशियों से लेकर कपड़े धोने के लिए इस स्थान पर आते हैं।
बीएमओ डॉ. अनुराधा केरणी ने बताया कि कोई भी वायरस 100 डिग्री से ज्यादा तापमान में नष्ट हो जाता है। संस्कार के वक्त शव को जलाने वाली आग का तापमान हजारों डिग्री होता है, जिसके सामने कोई भी वायरस टिक नहीं पाता। लोगों को कोरोना वायरस को लेकर गलत धारणाएं हैं। कोविड-19 वाले व्यक्ति के शव को जलाने से वातावरण तक को उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता और न ही हवा में इसका कोई प्रभाव होता है।