अमरनाथ यात्रा की तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं। पवित्र गुफा के पास टेंट बनाने का काम जोरों पर है। इस बीच पांच जुलाई यानी व्यास पूर्णिमा के दिन से बाबा बर्फानी के दर से सुबह और शाम के आरती का सजीव प्रसारण शुरू हो जाएगा। यह सिलसिला तीन अगस्त तक चलेगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बाहर से भी कई कंपनियों को बुलाया जाएगा, जो अगले कुछ दिनों में यहां पहुंचनी शुरू हो जाएंगी।
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श्राइन बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बोर्ड की बैठक जल्द होेने वाली है। इसमें यात्रा का स्वरूप तय हो जाएगा। यात्रा 23 जुलाई से तीन अगस्त तक बालटाल रूट से कराने की योजना है। हेलिकॉप्टर के जरिये ही भोले के भक्तों को पवित्र गुफा तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि, बोर्ड की ओर से बालटाल के पैदल रास्ते को भी दुरुस्त कराया जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि जम्मू से लेकर घाटी में पूरे यात्रा रूट पर सुरक्षा के तगड़े प्रबंध किए जाएंगे। भगवती नगर में बेस कैंप से लेकर बालटाल के बेस कैंप तक सीआरपीएफ का पहरा होगा। इसके साथ ही कठुआ में प्रवेश द्वार से लेकर जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भी सुरक्षा होगी। खासकर नगरोटा के बाद पूरे हाईवे पर जगह-जगह पर सुरक्षा बलों की तैनाती होगी। श्रीनगर में पंथा चौक और आस-पास के इलाकों में भी सुरक्षा घेरा मजबूत किया जा रहा है।