अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटी पंचायतों के विकास के लिए आई राशि का सही खर्च न होने पर शुक्रवार को हीरानगर डिग्री कालेज की एनएसयूआई इकाई ने हंगामा कर दिया। छात्रों ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के लोगों को विकास से अब भी कोसों दूर रखा गया है। उन्होंने कहा कि बीएडीपी की राशि के तहत करवाए गए विकास कार्यों की जांच करवाई जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे करण सिंह मन्हास ने कहा कि बीएडीपी के तहत हीरानगर तहसील के गांवों का चयन किया गया लेकिन पैसा कठुआ और बिलावर क्षेत्र में इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से सीमांत ग्रामीणों को विकास का लालच देने वाली योजनाओं का लाभ नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रोग्राम की गाइड लाइन को ग्रामीण विकास विभाग के साथ जनप्रतिनिधियों द्वारा कैसे खर्च किया गया। वहीं प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सीमांत लोगों के साथ जो भेदभाव किया जा रहा है उसे बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमांत ग्रामीणों के साथ भेदभाव का सिलसिला पुराना है लेकिन अगर ऐसा फिर किया जाता है तो उन्हें फिर से आंदोलन करना होगा।