जेएंडके पुलिस आर्गनाइजेशन में कर्मचारियों और अफसरों का विवरण अब कंप्यूटर के एक क्लिक में उपलब्ध होगा। विभाग की ओर से तमाम पुलिसकर्मियों और अफसरों का डाटा सेंट्रलाइज्ड पर्सनल इन्फोरमेशन सिस्टम (सीपीआईएस) में कैद किया जा रहा है। इसके तहत यूनिट आधार पर आनलाइन अवलोकन और विश्लेषण भी हो सकेगा।
उच्च पुलिस अधिकारी के अनुसार सीपीआईएस मई 2012 में लांच किया गया था और सभी विभागों को अपने स्टाफ की जानकारियां मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कुछ विभागों ने अभी तक पूरा रिकार्ड जमा नहीं करवाया है। इसके लिए शार्ट टर्म ट्रेनिंग भी दी गई थी। इसके लिए सभी यूनिट को 2 एमबीपीएस लीज लाइन भी उपलब्ध करवाई गई है।
डीजीपी के राजेंद्रा कुमार ने अभी तक डाटा पूरी तरह समायोजित नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया है। सभी यूनिट को 15 दिसंबर तक बैक लाग एंट्री का काम पूरा करने के आदेश दिए हैं। डीजीपी ने आदेश में कहा है कि यदि अंतिम तिथि तक कोई यूनिट बैक लाग एंट्री का काम पूरा करने में असफल रहती है तो उन्हें इसका स्पष्टीकरण देना होगा।
पुलिसकर्मी के डाटा में आचरण, पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षणिक योग्यता, वेतन का विवरण, तैनाती और उसके नामिनी तक की सारी जानकारी होगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह काम पूरा हो जाने से एक पुलिसकर्मी के सेवाकाल की सभी जानकारी एक क्लिक में मिल पाएगी।
इसके अलावा कभी जरूरत पड़ने पर अलग-अलग रिकार्ड के लिए फाइलें नहीं छाननी पड़ेगी। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस आर्गनाइजेशन को पेशेवर बनाना है।