जम्मू यूनिवर्सिटी और क्लस्टर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर दफ्तरी काम के साथ अब कक्षाओं में भी पढ़ाएंगे। शिक्षा तंत्र मजबूत करने के लिए वाइस चांसलरों ने यह निर्णय लिया है। जीव विज्ञान के प्रोफेसर रहे चुके दोनों वाइस चांसलर पाठ्यक्रम में नाम लिखवा चुके हैं।
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अन्य शिक्षकों की तरह वे भी सप्ताह में एक या दो बार क्लास लेंगे। कुलपतियों का कहना है कि पढ़ाना शुरू से ही पेशा रहा है। पढ़ाना नई बात नहीं। छात्रों को पढ़ाने से जहां ज्ञान बढ़ेगा, वहीं सकून और खुशी मिलती है। छात्रों की पढ़ाई की स्थिति का पता भी पता चल जाता है।
छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना लक्ष्य : प्रो.बचन लाल
क्लस्टर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बचन लाल ने कहा कि पहले विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर कोर्स नहीं थे। इस सत्र से पीजी कोर्स शुरू कर दिए हैं। इनमें एमएससी जियोलॉजी भी है। इससे फिर से अपना विषय पढ़ाने का मौका मिला है। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना लक्ष्य है। इससे विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली में सुधार होगा। अन्य शिक्षकों की भी प्रेरणा मिलेगी। कहा कि अपने पद की जिम्मेदारी के साथ अन्य भी अतिरिक्त कक्षाएं लें तो शिक्षा तंत्र अधिक मजबूत होगा।
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पढ़ाने से मिलती है खुशी : प्रो.उमेश
जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.उमेश राय ने कहा कि पिछले साल कुलपित का चार्ज संभाला था। अब कक्षा में बच्चों को पढ़ा भी रहे हैं। कभी ऑफिस कार्य प्रभावित नहीं होने दिया। पढ़ाने से खुशी मिलती है। अपडेट रहते हैं। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा स्तर बढ़ाया जाएगा। नए कोर्स शुरू करने का प्रयास जारी है। वहीं, कई छात्रों ने कहा कि कुलपति सिद्धांत ही नहीं प्रयोगात्मक तरीके से भी समझाते हैं।