आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पीर की गली से चिट्टापानी तक प्रस्तावित सुरंग बनने से देश के लिए सामरिक दृष्टि से काफी अहम मुगल रोड को बारह महीने तक सुचारू रखा जा सकेगा। वर्तमान में पीर की गली क्षेत्र में भारी बर्फबारी और भूस्खलन की वजह से यह रोड साल में करीब चार महीने बंद ही रहती है।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के विकल्प और जम्मू समेत देश के अन्य हिस्सों को राजोरी और पुंछ के रास्ते कश्मीर घाटी से बारह महीने जोड़े रखने के लिए मुगल रोड पर आठ किलोमीटर लंबी सुरंग के लिए प्रशासनिक स्तर पर कदमताल तेज हो गई है। परियोजना की व्यावहारिकता और तकनीकी पहलुओं को जांचने के लिए सर्वे का काम जारी है।
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लोक निर्माण विभाग, एनएचआईडीसीएल और प्रशासनिक अधिकारियों में पिछले दो महीने की अवधि में कई बैठकें भी हो चुकी हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पीर की गली से चिट्टापानी तक प्रस्तावित सुरंग बनने से देश के लिए सामरिक दृष्टि से काफी अहम मुगल रोड को बारह महीने तक सुचारू रखा जा सकेगा।
वर्तमान में पीर की गली क्षेत्र में भारी बर्फबारी और भूस्खलन की वजह से यह रोड साल में करीब चार महीने बंद ही रहती है। इसके अलावा सुरंग बनने के बाद राजोरी व पुंछ जिले और कश्मीर के शोपियां जिले के बीच की दूरी करीब तीस किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
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लोक निर्माण विभाग जम्मू-कश्मीर के मुगल रोड के मुख्य अभियंता मोहम्मद अब्दुल्ला का कहना है कि आठ किलोमीटर लंबी सुरंग की डीपीआर को तैयार करने करने के लिए परियोजना की व्यवहारिकता और तकनीकी पहलुओं को जांचने का काम जारी है।
राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी एनएचआईडीसीएल व प्रशासनिक अधिकारियों व लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों की इस संबंध में कई बैठकें हो चुकी हैं। डीपीआर तैयार करने का काम अगले कुछ महीनों में पूरा हो जाएगा और उम्मीद हैं कि अगले साल तक सरकार परियोजना को हरी झंडी दे देगी।
सुरंग बनने से जम्मू श्रीनगर हाईवे पर भी घटेगा लोड
मुगल रोड पर सुरंग बनने के बाद बारह महीने इस अहम सड़क मार्ग से कश्मीर पहुंचने का बेहतर विकल्प लोगों को उपलब्ध होगा। इससे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का लोड भी कम हो पाएगा।