नई सरकार के सत्ता में आते ही रियासत में ट्रांसफार्मर घोटाले का खुलासा हुआ है। उपमुख्यमंत्री व पीडीडी मंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने विधानसभा में सूचना दी कि जम्मू स्थित डिपो में औचक निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नए ट्रांसफार्मर में उनकी क्षमता के अनुसार मैटेरियल ही नहीं है, जिसके कारण वो जल जाते हैं।
उपमुख्यमंत्री के अनुसार जम्मू ट्रांसफार्मर वर्कशाप में रखे अन्य तमाम नए ट्रांसफार्मरों की जांच की जा रही है। जम्मू के डिप्टी कमिश्नर को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। वर्कशाप के इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से अटैच कर दिया गया है। डीसी की रिपोर्ट आने के बाद इस घोटाले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि ट्रांसफार्मरों में मैटेरियल कम होने और ऊपर से चोरी का लोड होने के कारण गर्मी आने के पहले ही ट्रांसफार्मर जलने शुरू हो गए हैं। जानकारों के अनुसार इस मामले में ट्रांसफार्मर सप्लाई करने वाली कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
विस में गूंजी अमर उजाला की खबर
कैग रिपोर्ट के आधार पर घोटालेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए भाजपा विधायकों ने विधानसभा में जमकर हंगामा किया। भाजपा विधायक गगन भगत और सत शर्मा ने ‘अमर उजाला’ की प्रतियां लहराते हुए कहा कि विभिन्न योजनाओं में 795 करोड़ की गड़बड़ियां हुई हैं।
विधायकों ने इस पर दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्पीकर कविंद्र गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में लोक लेखा समिति ही रिपोर्ट के अध्ययन के बाद निर्णय लेगी। विधायक गगन भगत ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। पिछली सरकार के शासनकाल में विकास योजनाओं में भारी अनियमितताएं और घोटाले सामने आए हैं।
मनरेगा में भी घोटाले पकड़ में आए हैं। कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि मनरेगा की 40.34 लाख रुपये की राशि उन खातों में डाली गई जो वास्तव में वजूद में ही नहीं थे। जाहिर है कि इस राशि की बंदरबांट हुई। इसी तरह गांवों में बिजली पहुंचाने के नाम पर घोटाला हुआ। प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज की राशि का भी दुरुपयोग हुआ। विधायकों ने मामले में कार्रवाई की मांग पर जोर दिया।
1811 पत्थरबाजों को किया माफ
25 हजार से अधिक एसपीओ कर रहे काम
रियासत में 25,474 एसपीओ तैनात हैं। इनको हर महीने तीन हजार रुपये मानदेय के रूप में दिया जाता है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने विधानसभा में विधायक जावेद राणा के सवाल के जवाब में दी।
मुफ्ती ने बताया कि 2009 में इन एसपीओ को कांस्टेबल और फॉलोअर बनाने के लिए व्यापक नीति बनाई गई थी। इसके तहत अब तक 2376 एसपीओ को कांस्टेबल बनाया गया है। एसपीओ को मानदेय तीन हजार से छह हजार बढ़ाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव सौंपा जा चुका है, जिसको मंजूरी मिलनी है।
जांच के आदेश जारी
किश्तवाड़ में निजी डीलरों को सरकारी राशन की माल ढुलाई में 25 लाख रुपये की हेराफेरी करने में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसके लिए विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए सहायक निदेशक को रिपोर्ट तैयार करनी है, जो अभी लंबित है।
कांग्रेस विधायक जीएम सरूरी ने विधानसभा में इसकी जानकारी मांगी। सीएपीडी मंत्री ने जवाब देते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किश्तवाड़ को निजी डीलरों, ठकरे, में माल ढुलाई के लिए 25 लाख रुपये की हेराफेरी हुई है।
1811 पत्थरबाजों को किया माफ
सरकार ने आम माफी स्कीम 2011 के तहत 1811 पत्थरबाजों को माफ किया है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में इसकी जानकारी दी। बताया कि वर्ष 2015 में पब्लिक सेफ्टी एक्ट में 35 को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया। इसमें 17 स्थानीय, 20 विदेशी, दो स्थानीय आतंकी, 5 ओवर ग्राउंड वर्कर, 3 पत्थरबाज और पांच टिंबर तस्कर शामिल हैं। 11 विदेशियों को जेल में डाला गया है।