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जम्मू-कश्मीर सरकार का एलान, राज्य में अब नहीं खुलेंगे नए कॉलेज

Sat, 21 Jan 2017 11:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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शिक्षा मंत्री नईम अख्तर - फोटो : AMAR UJALA
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रियासत में ओर नए डिग्री कालेज नहीं खुलेंगे। जो कालेज हैं उनमें गुणवत्ता पर आधारित शिक्षा को यकीनी बनाया जाएगा। इस वजह से कालेजों से अन कवर रहने वाले इलाकों के विद्यार्थियों को परेशानी न हो इसके लिए होस्टल बनाएं जाएंगे। विधानसभा में शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों को सदन में पेश करने के दौरान शिक्षा मंत्री ने यह घोषणा की।
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इस दौरान विपक्ष की गैर मौजूदगी में ही शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों को सदन से सर्वसम्मति मंजूरी मिल गई। युवा, सेवा, खेल और तकनीकी शिक्षा मंत्री इमरान राजा अंसारी की ओर से पेश की गई विभाग की अनुदान मांगों को भी सदन ने स्वीकार कर लिया। शिक्षा विभाग के लिए 784400.08 लाख व युवा, सेवा, खेल और तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए 135818.51 लाख की अनुदान मांगों को सदन से मंजूरी मिली।  

शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने इस अवसर पर कहा कि नए कालेज खोलने का एक ही मकसद हैं कि वर्तमान कालेजों को सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाना है। उन्होंने कहा रियासत में कलस्टर विश्वविद्यालयों के लिए कुलपति नियुक्त किए गए है। पहली बार रियासत में अंजू भसीन के रूप में महिला कुलपति बनी है। उन्होंने कहा कि कालेजों में स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।
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इसके लिए जीजीएम साइंस कालेज जम्मू के विद्यार्थियों व एसपी कालेज श्रीनगर के विद्यार्थी एक दूसरे के कालेज में जाएंगे। उन्होंने कहा रियासत के छात्र छात्राएं प्रतिभाशाली है। गांधीनगर महिला कालेज की छात्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर दो लाख का इनाम जीता है। स्कूलों का स्तर बढ़ाया जा रहा है। पांचवीं से लेकर नवमी कक्षा तक हर साल परीक्षा होगी। लेकिन अगर बच्चा फेल भी होगा तो भी उसे स्कूल से निकाला नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा राज्य सरकार के इस फैसले को केंद्र सरकार भी लागू करने की तैयारी में है। शिक्षा मंत्री ने कहा तबादला नीति में मुश्किलें अभी है। इन्हें दूर किया जाएगा। एक मार्च से आन लाइन तबादलों की प्रक्रिया शुरू होगी। रहबर-ए-तालीम के तहत जो महिलाएं शादीशुदा है उनके लिए भी तबादला नीति पर विचार किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा निजी स्कूलों का भी शिक्षा के प्रचार प्रसार में अहम रोल है। अब तक निजी स्कूलों को हर साल मान्यता लेनी होती है। अब निजी स्कूलों के लिए एक बार में ही मान्यता की स्कीम शुरू की जाएगी। 
 
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'मौत से इश्क कर बैठे युवाओं को समझाना चुनौती'

जम्मू-कश्मीर विधानसभा - फोटो : AMAR UJALA
शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा कश्मीर में युवाओं को मौत से इश्क हो गया है। इनको समझाना सरकार और शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। इन युवाओं को विश्वास दिलाना हैं कि शिक्षा, कैरियर, व्यापार को जिंदा रखना है।

उन्होंने कहा साल 2015 में पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार ने सत्ता संभाली। पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की अगुवाई में शिक्षा के क्षेत्र में सुधारात्मक काम होना शुरू हुआ ही था कि बाढ़ आ गई। एक सितंबर 2015 से लेकर एक अप्रैल 2016 तक बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद रहे। इसके बाद हालात सुधरे और काम हुआ तो अच्छे माहौल को नजर लग गई। आठ जुलाई के बाद पांच महीने हालात खराब रहे। 

उन्होंने कहा इसके बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में काम चल रहा है। किन हालात में कश्मीर में दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं हुई वह जानते है। उन्होंने कहा परीक्षा परिणाम में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन शानदार रहा है। 
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