पीओएस से राशन लेने से राशन कितना डिपो में गया और कितने उपभोक्ताओं को मिला। इसका पूरा ब्योरा विभाग के पास रहेगा। माह के अंत में डिपो होल्डरों से बेचे राशन का हिसाब भी मांगा जाएगा। इससे राशन की कालाबाजारी पर रोक लगेगी। जितने उपभोक्ताओं को निर्धारित मापदंडों के हिसाब जारी राशन ही मिलेगा।
केरोसीन का भी रहेगा पूरा हिसाब
केरोसीन की कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी। पात्र उपभोक्ताओं को केरोसिन नहीं मिल पाता। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाकों में आती है। केरोसिन घोटाले में अधिकारियों पर मामला भी दर्ज हो चुका है। इस पर कार्रवाई चल रही है।
राशन ब्लैक करने के मामले में दो दर्जन डिपो होल्डरों पर कार्रवाई चल रही है। नवाबाद पुलिस स्टेशन में भी एक डिपो होल्डरों पर एफआईआर दर्ज है। अब विभागीय जांच चल रही है। आरोप है कि राशन को पात्र लोगों के बजाए अपात्र को ब्लैक में बेचा गया।
पीओएस सिस्टम इंटरनेट सेवाएं बहाल होने के बाद लागू कर दिया जाएगा। उपभोक्ताओं को अंगूठा लगाने के बाद ही राशन दिया जाएगा। इससे राशन की कालाबाजारी पर रोक लगेगी। वहीं, कितना राशन किसको मिलेगा। इसका भी हिसाब रहेगा। पहले अनाज राशन कार्ड पर दिया जाता था। मार्च तक आधार लिंक का काम पूरा हो जाएगा।
-जितेंद्र सिंह, निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले