11 दिसंबर, 2019 को हाईकोर्ट ने हाईवे अथॉरिटी से इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। सोमवार को प्रोजेक्ट डायरेक्टर पुरुषोत्तम कुमार कोर्ट में पेश होकर बताया कि उधमपुर-रामबन सेक्शन में जो काम होना है, उसके लिए सात गांवों की जमीन लेनी है। जमीन न मिलने से काम शुरू नहीं किया जा रहा। चंद्रकोट के पास भी जमीन नहीं मिली है। पेड़ों की कटाई में भी कुछ विजिलेंस के केस हैं। इसी तरह रामबन में बनने वाले पुल के बीच एक मस्जिद है, जो अभी नहीं हटाई गई है। इन समस्याओं के दूर होने पर दो वर्ष में प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। रामबन से बनिहाल के बीच भी ऐसे ही मामले हैं।