कश्मीरी केसर के जीआई टैग की बार कोडिंग के लिए अब पांपोर में लैब टेस्टिंग करवानी होगी। जम्मू-कश्मीर का कोई भी किसान केसर की फसल को लैब में टेस्ट करा सकता है। गुणवत्ता जांच के बाद हर उत्पादक को विशेष बार कोड मिलेगा जिसमें उत्पादक और उसके उत्पाद की गुणवत्ता का पूरा ब्योरा शामिल होगा।
ईरान, स्पेन के पास भी नहीं जीआई टैग
दुनिया भर में कई देशों में केसर की खेती होती है। इनमें ईरान, स्पेन, अजरबेजान, अफगानिस्तान और ग्रीस जैसे देश शामिल हैं लेकिन किसी भी देश को केसर का जीआई टैग नहीं मिल पाया है। इसके पीछे कश्मीरी केसर की गुणवत्ता को ही मुख्य वजह बताया जा रहा है।
गुणवत्ता में भी सर्वेश्रेष्ठ
क्रोसिन की उच्च सांद्रता के कारण कश्मीरी केसर गुणवत्ता में सर्वश्रेष्ठ है। कोसिन एक कैरोटीनॉयड वर्णक है, जो केसर को उसके रंग और औषधीय गुण देता है। जो तत्व ईरानी केसर में 682 प्रतिशत हैं वहीं कश्मीरी केसर में 872 प्रतिशत पाए जाते हैं। इसी वजह से कश्मीर केसर गहरा रंग, बेहतर जायका और औषधीय गुण प्रदान करता है।