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तीन दशक की जद्दोजहद के बाद कश्मीरी केसर को मिली जीआई टैगिंग, अब नहीं हो सकेगी मिलावट

Mon, 04 May 2020 10:02 AM IST
प्रशांत कुमार अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू-कश्मीर
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केसर - फोटो : अमर उजाला
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कश्मीरी केसर की जीआई टैगिंग के लिए तीन दशक से चल रहे प्रयास सफल हो गए हैं। चेन्नई स्थित ज्योग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्रार कार्यालय से कश्मीर कृषि निदेशालय, स्कॉस्ट कश्मीर और केसर अनुसंधान केंद्र डुस्सू पांपोर को पंजीकृत कर लिया गया है।

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अब कश्मीरी केसर को बार कोडिंग के बाद ही बेचा जा सकेगा। इससे एक तरफ जम्मू-कश्मीर के केसर उत्पादकों को बड़े स्तर पर लाभ होगा, वहीं दुनिया भर में कश्मीरी केसर के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी पर भी अंकुश लगेगा। कश्मीरी केसर को जीआई-635 टैग मिला है। कृषि निदेशालय कश्मीर को क्लास-30 में आने वाले केसर के जीआई का पंजीकृत मालिक घोषित किया गया है।

कश्मीर कृषि विभाग के निदेशक अल्ताफ एजाज अंद्राबी ने बताया कि कश्मीरी केसर का जीआई टैग हासिल करने के लिए पिछले तीन दशक से प्रयास चल रहे थे। केसर का जीआई टैग मिलना सपना सच होने जैसा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक विशेष जगह की पैदावार के रूप में कश्मीरी केसर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अच्छा दाम मिलेगा। अब मिलावट और कश्मीरी केसर के नाम पर बिकने वाले दूसरे इलाकों के केसर पर अंकुश लगेगा।

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ऐसे होगी बार कोडिंग

कश्मीरी केसर के जीआई टैग की बार कोडिंग के लिए अब पांपोर में लैब टेस्टिंग करवानी होगी। जम्मू-कश्मीर का कोई भी किसान केसर की फसल को लैब में टेस्ट करा सकता है। गुणवत्ता जांच के बाद हर उत्पादक को विशेष बार कोड मिलेगा जिसमें उत्पादक और उसके उत्पाद की गुणवत्ता का पूरा ब्योरा शामिल होगा।

ईरान, स्पेन के पास भी नहीं जीआई टैग
दुनिया भर में कई देशों में केसर की खेती होती है। इनमें ईरान, स्पेन, अजरबेजान, अफगानिस्तान और ग्रीस जैसे देश शामिल हैं लेकिन किसी भी देश को केसर का जीआई टैग नहीं मिल पाया है। इसके पीछे कश्मीरी केसर की गुणवत्ता को ही मुख्य वजह बताया जा रहा है।

गुणवत्ता में भी सर्वेश्रेष्ठ
क्रोसिन की उच्च सांद्रता के कारण कश्मीरी केसर गुणवत्ता में सर्वश्रेष्ठ है। कोसिन एक कैरोटीनॉयड वर्णक है, जो केसर को उसके रंग और औषधीय गुण देता है। जो तत्व ईरानी केसर में 682 प्रतिशत हैं वहीं कश्मीरी केसर में 872 प्रतिशत पाए जाते हैं। इसी वजह से कश्मीर केसर गहरा रंग, बेहतर जायका और औषधीय गुण प्रदान करता है।
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