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जज्बा: ऑपरेशन सिंदूर ही नहीं सरहद की निगहबानी में भी डटीं बेटियां...सीमा पार से घुसपैठ न हो इसलिए विशेष तैयारी

Sun, 29 Jun 2025 11:30 AM IST
शाहरुख खान अजय मीनिया, अमर उजाला, जम्मू

सार

ऑपरेशन सिंदूर ही नहीं सरहद की निगहबानी में भी बेटियां डटीं हैं। तपती धूप, भारी उमस, बरसात के बावजूद सुबह-शाम गश्त में जज्बा दिखता है। अमरनाथ यात्रा में सीमा पार से घुसपैठ न हो इसलिए बीएसएफ की विशेष तैयारी का हिस्सा बनीं हैं।
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सीमा पर तैनात बेटियां - फोटो : निकिता
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विस्तार
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हाथों में आधुनिक हथियार। जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बीएसएफ की वर्दी पहने चल रहीं महिला सुरक्षा कर्मी। नजर ऐसी कि दुश्मन को देखते ही मिनटों में ढेर कर दें। सिर से पांव तक पसीने से तरबतर हैं, लेकिन मजाल है कि पलक भी झपक जाए। 
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दिन से रात हो गई, लेकिन इन महिलाओं का जोश कम नहीं हुआ। आरएसपुरा सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन पर अपने बीएसएफ जवान साथियों के साथ तैनात इन महिला जवानों का जोश देखते ही बनता है।

सरहद की निगहबानी में तैनात ये महिला सुरक्षाकर्मी मौजूदा वक्त में अमरनाथ यात्रा में सीमा पार से घुसपैठ न हो, इसलिए बीएसएफ की विशेष तैयारी का हिस्सा बनी हुई हैं। 
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तपती धूप, भारी उमस, बरसात के बावजूद सुबह-शाम गश्त दल में जोश के साथ शामिल इन महिला जवानों को देखकर याद आ जाती हैं वे दो महिला अफसर, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की कमान संभाली थी। 

यह वही इलाका है जिस जगह से बीएसएफ ने पाकिस्तान के सियालकोट में ऑपरेशन सिंदूर के तहत जमकर गोले बरसाए। पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। उनकी बड़े स्तर पर चौकियां ध्वस्त कर दी गईं। 
 

घुसपैठ करने वाले आतंकियों को भी ढेर कर दिया। अब अब जबकि श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है। ऐसे में जहां पुलिस, भारतीय सेना और अर्धसैनिक बल मिलकर मोर्चा संभाले हुए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ये भी पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
 
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वर्दी पहनते ही दिल दिमाग में भर जाता है देशभक्ति का जोश
आरएसपुरा सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन पर गश्त लगा रहीं महिला बीएसएफ कर्मी का साहस उनके एक-एक शब्द से झलकता है। उनसे जब पूछा गया कि क्या आपको गर्मी नहीं लगती? क्या ऑपरेशन सिंदूर के वक्त गोलाबारी से आपको डर नहीं लगा? तो महिला कर्मी ने कहा कि -जब वर्दी पहन लेते हैं। फिर ना तो गर्मी लगती है ना ही कोई डर। सिर्फ एक ही लक्ष्य नजर आता है।

अपने अनुभव को आत्मविश्वास के साथ बयां करते हुए वे कहती हैं कि हमारी नजर सिर्फ दुश्मन पर रहती है। अगर उस पार से वे एक गोली चलाते हैं तो हम उसके बदले में 10 गोलियां चलाते हैं । जब यह पूछा कि बरसात का मौसम है,क्या आपको सांप और कई तरह के खतरनाक जीव जंतुओं और झाड़ियां में गश्त करने में परेशानी नहीं होती। इस पर महिला कर्मी ने कहा कि ड्यूटी करते वक्त हमें कुछ नजर नहीं आता।

पाकिस्तान का भरोसा नहीं, बीएसएफ की है खास तैयारी
बीएसएफ अफसरों का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद जिस तरह के हालात दोनों देशों के बीच बने थे । ऐसे में पाकिस्तान पर भरोसा करना संभव नहीं इसलिए सीमा पार से किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए बीएसएफ ने खास तैयारी की है। इस पूरी तैयारी में सबसे बड़ी बात है महिला बीएसएफ कर्मियों का सुबह शाम होने वाली गशत दल में शामिल होना। बीएसएफ के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरी मुस्तैदी से सुबह से लेकर रात तक के ड्यूटी कर रही हैं।

सरहद का चप्पा-चप्पा खंगाल रहे हैं जवान
बीएसएफ की ओर से जमीन में लगाने वाली आईईडी और किसी भी तरह का असलाह बारूद तलाशने के लिए आधुनिक मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। बीएसएफ की ओर से अंतरराषट्रीय सीमा के जीरो लाइन से लेकर आसपास के तीन किलोमीटर के दायरे में विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की वारदात ना हो ।

इसी सेक्टर से पाकिस्तान को दिया था बीएसएफ ने करारा जवाब
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूरके दौरान सुचेतगढ़, आर एस पुरा और सांबा क्षेत्र से बीएसएफ ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। इसी क्षेत्र से पाकिस्तान पर जमकर गोलाबारी की गई। पाकिस्तानी रेंजर अपने मोर्चे छोड़कर भागते तक नजर आए ।

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