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जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से छेड़छाड़ की अनुमति नहीं : महबूबा

Thu, 09 Jun 2016 08:31 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर

सार

  • अनुच्छेद 370 हमारी मजबूती और हमारा सम्मान
  • उद्योग नीति पर विधान परिषद में मुख्यमंत्री ने किया स्पष्ट
  • रोजगार के लिए उद्योगों के साथ भागीदारी में हो रहा काम 
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व‌िधानसभा में बोलतीं महबूबा मुफ्ती - फोटो : File Photo
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विस्तार
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 को रियासत की मजबूती और सम्मान करार दिया है। कहा कि राज्य के विशेष दर्जे के साथ किसी को भी छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विधान परिषद में उद्योग नीति के संबंध मे प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि इससे रियासत के विशेष दर्जे को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
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उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति पूरी तरह से 1975 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला की ओर से तैयार की गई उद्योग नीति के अनुसार है। किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि इससे राज्य के विशेष दर्जे को कोई खतरा है। हालांकि, साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के संदेह को दूर करने के लिए सरकार उद्योग नीति की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रशिक्षित करने तथा रोजगार मुहैया कराने के लिए उद्योगों के साथ भागीदारी पर काम किया जा रहा है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की पारंपरिक कला तथा हस्तकला को जीवित रखने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की निरंतर की आर्थिक उन्नति के लिए पारंपरिक कलाओं एवं हस्त कलाओं में प्रतियोगी बढ़त को भुनाते हुए युवाओं को समुचित कौशल प्रदान करना इस प्रक्रिया का भाग है।
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शाल, कालीन, पेपरमाशी, लकड़ी उकेरना और लद्दाखी हस्तकला जैसी ऐतिहासिक कलाओं में कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा। ताकि राज्य की नई युवा पीढ़ी को इन उच्च मूल्यों वाली हस्तकला को उनके रोजगार का साधन बनाने के साथ ही राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान के लिए तैयार किया जा सके। 

 
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कौशल विकास का मॉडल बनाने की दिशा में काम

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती - फोटो : FILE PHOTO
उन्होंने कहा कि राज्य की विभिन्न ऐतिहासिक कलाओं के प्रति युवाओं को आकर्षित करने के लिए सरकार ने शिक्षा विभाग को स्कूलों तथा कालेजों में पारंपरिक कला में पार्ट टाइम पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए कहा है। कौशल विकास के प्रयास अभी शुरूआती दौर में है। वांछित नतीजे प्राप्त करने के लिए काफी कुछ करने की जरूरत है।  

उन्होंने कहा कि सरकार को राज्य की ऐतिहासिक कला के समुचित प्रचार तथा बाजार सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करना होगा। जब हम युवाओं को पारंपरिक कलाओं के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं तो अच्छी आमदनी के लिए उन्हें बाजार भी उपलब्ध कराना होगा। एनएचपीसी तथा राज्य में कार्यरत विभिन्न सैल्युलर कंपनियों जैसे कारपोरेट घरानों को कम से कम एक आईटीआई या पालीटेक्निक को गोद लेकर युवाओं को प्रशिक्षित करने को कहा गया है ताकि युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सके। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महीने की शुरूआत में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन गवर्निंग बाडी की पहली बैठक में यह सहमति बनी थी कि कौशल विकास क्षेत्र तथा आवश्यकता आधारित होना चाहिए। जम्मू-कश्मीर में भी कौशल विकास का मॉडल बनाने की दिशा में काम चल रहा है, जो स्थानीय कला, हस्तकला और बाजार की मांग के अनुरूप होगा। 
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