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रोजेदार कर रहे दुआ, ‘बारिश कर आग बुझा दे मौला’

Thu, 09 Jun 2016 10:47 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/पुंछ
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- फोटो : Amar Ujala
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बुधवार दोपहर को जिले में भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर स्थित कृष्णा घाटी सेक्टर के जंगलों में भयंकर आग भड़क उठी। इससे कई किलोमीटर में फैली इस आग से लाखों रुपये की वनसंपदा जल कर राख हो जाने के साथ ही हजारों की संख्या में जीव जंतु भी मारे गए हैं। 
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उधर नियंत्रण रेखा के जंगलों में लगी इस आग पर काबू पाने के लिए वनकर्मी, सेना के जवानों के साथ ही कुछ क्षेत्रों में ग्रामीण भी आग बुझाने के काम पर लगे हुए हैं। आग बुझाने में कई रोजा रखने वाले ग्रामीण भी जुटे हुए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले जिले में मेंढर तहसील के बालाकोट में नियंत्रण रेखा के जंगलों में भयंकर आग लगी थी। इससे बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगे फट गई थी। आग पर काबू पाने के तीन दिन बाद ही बुधवार दोपहर को नियंत्रण रेखा के कृष्णा घाटी के जंगलों में अचानक भयंकर आग सुलग उठी। 
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आग पर काबू पाने में वनकर्मियों के साथ जुटे सेना के जवान

- फोटो : Amar Ujala
आग पर काबू पाने में जुटे वनकर्मियों अब्दुल समद और स्वरूप सिंह का कहना है कि पता नहीं कैसे अचानक नियंत्रण रेखा के उस पार से आई आग ने हमारे जंगलों को अपनी चपेट में ले लिया है। हम इस पार काबू पाने में जुटे हैं परन्तु आग पर काबू नहीं पा रहे हैं। 

वनकर्मियों का कहना है कि नियंत्रण रेखा पर फेंसिंग के आगे लगी आग को जंगलों में स्थित अपनी चौकियों के आसपास भड़कने से रोकने के लिए फेंसिंग के आगे तैनात सेना के जवान आग पर काबू पाने के लिए जुटे हुए हैं। उधर कृष्णा घाटी के सलोत्री स्थित जंगलों के आसपास बसे गांव के कई ग्रामीण भी आग बुझाने के प्रयास कर रहे हैं। 

ग्रामीणों मोहम्मद हनीफ, सराज दीन, अशफाक अहमद भी आग बुझाने में जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि जंगलों में लगी आग को बुझाने के प्रयासों के साथ ही हम लोग ऊपर वाले से दुआ कर रहे हैं कि वह बारिश कर दे, ताकि आग बुझ जाए। हम लोग रोजा रख कर दोपहर से ही इस आग को बुझाने में जुटे हैं पर आग है कि थम ही नहीं रही है।
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