मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 को रियासत की मजबूती और सम्मान करार दिया है। कहा कि राज्य के विशेष दर्जे के साथ किसी को भी छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विधान परिषद में उद्योग नीति के संबंध मे प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि इससे रियासत के विशेष दर्जे को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति पूरी तरह से 1975 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला की ओर से तैयार की गई उद्योग नीति के अनुसार है। किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि इससे राज्य के विशेष दर्जे को कोई खतरा है। हालांकि, साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के संदेह को दूर करने के लिए सरकार उद्योग नीति की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रशिक्षित करने तथा रोजगार मुहैया कराने के लिए उद्योगों के साथ भागीदारी पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की पारंपरिक कला तथा हस्तकला को जीवित रखने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की निरंतर की आर्थिक उन्नति के लिए पारंपरिक कलाओं एवं हस्त कलाओं में प्रतियोगी बढ़त को भुनाते हुए युवाओं को समुचित कौशल प्रदान करना इस प्रक्रिया का भाग है।
शाल, कालीन, पेपरमाशी, लकड़ी उकेरना और लद्दाखी हस्तकला जैसी ऐतिहासिक कलाओं में कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा। ताकि राज्य की नई युवा पीढ़ी को इन उच्च मूल्यों वाली हस्तकला को उनके रोजगार का साधन बनाने के साथ ही राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान के लिए तैयार किया जा सके।