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जम्मू-कश्मीर: चकरोई में उत्तर भारत की सबसे बड़ी मेगा फ्रूट प्लांट नर्सरी शुरू, 13 लाख किसानों का बदलेगा जीवन

Wed, 11 Jan 2023 04:22 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लगभग 31 लाख भूमि पासबुक सृजित की गई हैं। इसके साथ 400  से अधिक सार्वजनिक सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधान के साथ पूरी तरह से ऑनलाइन किया गया है।
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जम्मू में प्रमाण पत्र देते एलजी सिन्हा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में यह दशक जम्मू-कश्मीर का है। समग्र विकास योजना के माध्यम से नीतियां जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास में परिवर्तन ला रही हैं। हमारा प्रयास उप-उष्णकटिबंधीय फलों की खेती को बहुआयामी व्यवसाय बनाना है, जिसमें नई नर्सरी और पौध सामग्री परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना जैसे हस्तक्षेपों की मदद से बागवानों की दक्षता में वृद्धि की जा रही है।

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हमारा प्रयास खेत और बाग की क्षमता को किसान की शक्ति में परिवर्तित करना है। उपराज्यपाल आरएस पुरा के चकरोई में उत्तर भारत की सबसे बड़ी मेगा फ्रूट प्लांट नर्सरी के उद्घाटन समारोह पर बोल रहे थे। उपराज्यपाल ने कहा, नर्सरी सर्वोत्तम तकनीकों के साथ बेहतर गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री प्रदान करेगी जो बागवानी क्षेत्र को नया रूप देगी।

सरकार एकीकृत तरीके से किसानों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जम्मू और कश्मीर संभागों के सभी जिलों को विशिष्ट फसलों की खेती और विशेष उत्पादों के मूल्यवर्धन के साथ निर्यात के केंद्र में बदलना है। यह एक बड़ी उपलब्धि है कि एक साल में एक मेगा फ्रूट प्लांट नर्सरी एक ऐसे क्षेत्र में स्थापित की गई है जहां खेतों में सीमा पार से गोलाबारी सामान्य बात थी।
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जम्मू-कश्मीर के किसानों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के विकास में तेजी लाने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और विकास की गति सुनिश्चित बनाने,  कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए शीर्ष समिति द्वारा अनुमोदित 29 परियोजनाओं को कार्यान्वित किया जा रहा है।

यह 5013 करोड़ रुपये की योजना जम्मू-कश्मीर के लगभग 13 लाख किसान परिवारों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। इसमें 2.62 लाख छोटे और सीमांत किसान परिवार शामिल हैं। दावा किया कि देशके किसीव्न्य क्षेत्र ने कृषि और संबद्ध क्षेत्र में इतना क्त्रसंतिकारी हस्तक्षेप नहीं किया है।

बीज से लेकर बाजार तक की सभी व्यवस्थाएं योजना के कार्यान्वयन ढांचे के माध्यम से की गई हैं। प्रधानमंत्री ने सुनिश्चित किया है कि जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी।

एक मजबूत कृषि विपणन पारिस्थितिकी तंत्र कृषि आय में वृद्धि करने के साथ मूल्य हानि को कम करेगा। हम गुणवत्ता रोपण सामग्री आदि की आवश्यकता को पूरा करने के लिए इनपुट, कटाई, प्रसंस्करण, पैकिंग, भंडारण सहित संपूर्ण मूल्य शृंखला को कवर करने पर काम कर रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर 80 प्रतिशत चारे की व्यवस्था होगी

जम्मू-कश्मीर के भीतर स्थानीय स्तर पर 80 प्रतिशत चारे की आवश्यकता को व्यवस्थित करने और विकसित करने का प्रावधान किया गया है। इस दौरान मेगा फ्रूट प्लांट नर्सरी चकरोई पत्रिका, लीची और स्ट्रॉबेरी की खेती व स्टोन फ्रूट के रणनीतिक प्रबंधन सहित कई प्रकाशन जारी किए गए।

उपराज्यपाल ने एक पौधा भी लगाया। कार्यक्रम में डीडीसी अध्यक्ष जम्मू भारत भूषण, कृषि उत्पादन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू, मंडलायुक्त जम्मू रमेश कुमार, वीसी स्कॉस्ट जम्मू प्रो. जेपी शर्मा आदि मौजूद रहे।  

31 लाख भूमि पासबुक सृजित

उपराज्यपाल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में लगभग 31 लाख भूमि पासबुक सृजित की गई हैं। इसके साथ 400  से अधिक सार्वजनिक सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधान के साथ पूरी तरह से ऑनलाइन किया गया है।

रणबीर नहर के निर्बाध और समुचित संचालन के लिए एक नीति के माध्यम से स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। यह स्पष्ट किया कि सब्सिडी प्राप्त करने के लिए क्षेत्र के बाहर से मवेशियों की अनिवार्य खरीद के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है और अगर कोई है तो मैं इसे शून्य घोषित करता हूं।

उत्तर भारत की सबसे बड़ी नर्सरी में 50 ब्लॉक स्थापित

मेगा फ्रूट प्लांट नर्सरी में खट्टे फलों सहित विभिन्न फलों के मदर प्लांट उगाने के लिए 50 अलग-अलग ब्लॉक स्थापित हैं। यह नर्सरी 800 कनाल से अधिक क्षेत्र में फैली हुई है और इसमें अमरूद, आम, लीची, अन्य खट्टे फलों और ड्रैगन फ्रूट के पौधे उगाए जाएंगे।

यह उत्तर भारत में फलों की सबसे नर्सरी है। आगामी समय में 10 लाख फलदार पौधे किसानों में बांटे जाएंगे। नर्सरी में सिंचाई के लिए अन्य उन्नत सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों के अतिरिक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की स्थापना की गई है। यहां टिश्यू कल्चर लैब आदि स्थापित की जाएंगी।

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