- काकू दे कोठे गांव में पहुंचे नोडल अधिकारी अश्विनी कुमार के समक्ष रखा मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। वाइब्रेंट विलेज काकू दे कोठे के नियुक्त नोडल अधिकारी (अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजली विभाग) अश्विनी कुमार ने बुधवार को गांव का दौरा कर लोगों के साथ संवाद किया। ग्रामीणों ने वाइब्रेट विलेज को एक तरफ छोड़कर अन्य मुद्दों पर अधिकारी को घेर लिया। किसान रूप सिंह मांग की कि सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों को पहले जमीन का मालिकाना हक दिया जाए। सीमा पर बांध के निर्माण कार्य का विरोध किया। जागीर सिंह ने बताया कि गोलाबारी में सुरक्षित जगह पहुंचने के लिए इस्तेमाल होने वाला लोहे का पुल कबाड़ हो गया है। लोक निर्माण विभाग ने आवाजाही के लिए पुल बंद कर दिया है। नया पुल नहीं बनाया जा रहा है। पंचायत आल्हा के पूर्व उपसरपंच लवली सिंह ने कहा कि किसानों के कृषि मोटर पंप के बिल माफ किए जाएं। क्षेत्र में नहर का पानी पहुंचाया जाए। मोटर पंप सिंचाई के लिए साल में दो से तीन महीने इस्तेमाल होते हैं लेकिन बिल पूरे साल का देना पड़ता है।
ग्रामीणों ने अरनिया में केंद्रीय विद्यालय के मुद्दे को भी अधिकारी के संज्ञान में लाया है। इस पर तहसीलदार ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के लिए करवाई जारी है। गांव के युवक अरुण सिंह ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज के तहत गांव में लाइब्रेरी, एंबुलेंस, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा की बेहतरी, खेल का मैदान और कंप्यूटर लैब की सुविधा मिलनी चाहिए। नोडल अधिकारी ने समस्या से संबंधित विभाग के अधिकारी को समाधान करने का निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी, बिजली, पानी और यातायात से संबंधित समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। मौके पर एसडीएम साउथ मन्नू हंसा, तहसीलदार अमनदीप सिंह, बीडीओ विप्लव सूदन भी मौजूद रहे।