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Jammu News: एक तो बारिश नहीं, अब नहरों में भी पानी बंद होने से टूटने लगी किसानों की उम्मीद

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बंद पड़ी उज्ज नहर।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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हीरानगर। बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल की सिंचाई को लेकर परेशान किसानों की चिंता नहरों में पानी बंद होने से और बढ़ गई है। अब फसलों को बर्बाद होने से ऊपर वाला ही बचा सकता है क्योंकि नहरों में सफाई का काम शुरू हो गया है और ऐसे में मार्च अंत से पहले इनमें पानी छोड़ना संभव नहीं हो सकता है।
उज्ज नहर और उससे जुड़ने वाली छोटी नहरों में मरम्मत और सफाई का काम कई जगहों पर शुरू हो गया है। इसके चलते कहीं नहर के किनारों को तोड़ा गया है तो कहीं बीच में मिट्टी के ढेर लगाए गए हैं। हर वर्ष की तरह इस साल भी मार्च अंत तक नहरों की सफाई के लिए इनमें पानी बंद किया गया है। लेकिन इस बार किसानों की चिंता इसलिए बड़ी है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पर्याप्त बारिश नही हुई और सिंचाई का दूसरा जो विकल्प था वह भी बंद हो गया है।
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किसान सिकंदर सिंह ने बताया कि उनके खेत उज्ज नहर से निकलने वाली डी 10 छोटी नहर से जुड़ता है। खेत में गेहूं की फसल बोई गई है लेकिन पर्याप्त सिंचाई न होने के कारण फसल दम तोड़ रही है। इस बार नाम मात्र बारिश हुई और अब नहर में पानी बंद होने से सिंचाई की उम्मीद पूरी तरह से टूट गई है।
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राकेश कुमार ने कहा बारिशों से खेतों की सिंचाई न होने पर नहरों का पानी एक बहुत बड़ा विकल्प है। लेकिन इनमें पानी बंद होने से अब किसानों की उम्मीद टूटने लगी है, क्योंकि खेतों में मुरझा रही गेहूं की फसल को बचाने के लिए उनके पास कोई उपाय नहीं बचा है। उन्होंने कहा विभाग को मौसम को देखते हुए इस बार नहरों की मरम्मत, सफाई का काम कुछ दिनों बाद शुरू करना चाहिए ताकि किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए समय पर पानी मिल सके। हर साल फसलों की सिंचाई को लेकर समस्या पेश आती है। इसका हल निकालना चाहिए।
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