हुर्रियत के दोनों गुटों ने सैनिक तथा कश्मीरी पंडितों के कालोनी के मुद्दे पर सोमवार को एकजुट होकर विरोध की रणनीति तैयार की। यह तय किया गया कि कश्मीरी पंडितों की घर वापसी का वे स्वागत करते हैं, लेकिन उनके लिए अलग कालोनी किसी भी कीमत पर नहीं बनने देंगे।
हुर्रियत एम के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी के हैदरपोरा स्थित आवास पर हुए सेमिनार में कहा गया कि घाटी में आरएसएस के एजेंडे को लागू नहीं होने दिया जाएगा। किसी भी हाल में सैनिक कालोनी तथा कश्मीरी पंडितों के लिए अलग कालोनी के मुद्दे पर लोगों को बंटने नहीं दिया जाएगा।
सेमिनार में हुर्रियत एम के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक, पीर सैफुल्लाह, इम्तियाज हैदर, गुलाम सुमजी, यासमीन रजा, जमरूदा हबीब, मोहम्मद युसूफ तारी, मोहम्मद शफी रेशी, मोहम्मद नदीम शामिल थे।
सीएम का अलगाववादियों पर नरम रुख : डिंपल
जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट के अध्यक्ष सुनील डिंपल ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीर वाइज उमर फारूक और यासीन मलिक की रिहाई पर मुख्यमंत्री यू टर्न ले रहीं हैं। सुनील डिंपल ने कहा कि मुख्यमंत्री मौजूदा हालात में अलगाववादियों के खिलाफ नरम रुख अख्तियार किए हुए हैं, जो कि ठीक नहीं है।