तवी में तबाही की बाढ़ ने 60 गांवों के हजारों ग्रामीणों की जिंदगी को पल भर में ही बदल कर रख दिया है। आसमान से बरसी आफत की बारिश और तवी में तबाही की बाढ़ ने 60 गांवों के हजारों ग्रामीणों की जिंदगी को पल भर में ही बदल कर रख दिया है। हाल तो यह है कि निक्की तवी पर बने पुल के बहने के साथ गांवों में बिजली सप्लाई का ढांचा भी बह चुका है।
सड़क संपर्क से टूटे गांवों में न तो बिजली है और न ही पेयजल की आपूर्ति हो पा रही है। काम धंधे तक चौपट होकर रह गए हैं। शनिवार को उफनती तवी में निक्की तवी पर बने पुल के अलावा बिजली का ढांचा भी क्षतिग्रस्त हो चुका है।
हालत तो यह है कि सड़क संपर्क टूट जाने के बाद से इलाके में बिजली भी गुल है। ऐसे में लोग शेष दुनिया से लगभग कट चुके हैं। मंडाल के सरपंच सुभाष शर्मा का कहना है कि आसमान से बरसी आफत की बारिश ने इलाके के करीब 60 गांवों के लोगों की जिंदगी को बदल कर रख दिया है।
इलाके को जम्मू से जोड़ने वाला एक मात्र पुल बह चुका है। बिजली ढांचा भी क्षतिग्रस्त होने से बिजली गुल है। पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। उनका कहना है कि हालत तो यह है कि जो लोग निजी काम धंधे के लिए जम्मू आदि इलाकों में जाते थे, उनका जाना बंद हो गया है।
ऐसे में लोगों के लिए रोजी रोटी तक के लाले पड़ गए हैं। सरकार की अगर जल्द राहत नहीं मिली तो हालात और खराब होते जाएंगे। ग्रामीण राज कुमार का कहना है कि पल भर में आसमान से बरसी बादल ने लोगों की जिंदगी ही बदलकर रख दी है।
ऐसा लग रहा है कि दुनिया सिमट गई है। खेतों में पानी भरा है। मरीज उपचार के लिए अस्पताल नहीं जा पा रहे। न तो डाक्टर ही अस्पतालों में आ रहे हैं। चिंता है कि कुछ दिन ऐसा ही रहा तो जीना भी चुनौैती होगा।