रियासत के शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने एम्स के मुद्दे पर पीडीपी तथा भाजपा के बीच मतभेदों को लेकर लग रही अटकलों को विराम देते हुए कहा कि यह मामला केवल भाजपा या उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह का नहीं है। जम्मू को भी एम्स मिलना चाहिए।
रियासत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों के लिए एम्स जरूरी है। जम्मू से इलाज के लिए कोई श्रीनगर नहीं जा सकता और श्रीनगर से कोई जम्मू नहीं आ सकता। श्रीनगर से इलाज के लिए जम्मू आने से बेहतर है कि वह इलाज के लिए दिल्ली चला जाए।
अमर उजाला के मेधावी सम्मान समारोह में नईम ने कहा कि दोनों संभागों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जम्मू और श्रीनगर दोनों ही स्थान पर एम्स होना चाहिए। इसके साथ ही राज्य में आईआईटी तथा आईआईएम के संचालन के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
राज्य सरकार लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तथा बेहतर अध्ययन-अध्यापन का माहौल देने के लिए तत्पर है। समारोह में डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल सिंह ने फिर दोहराया कि रियासत को वित्तीय पैकेज के साथ ही एम्स की घोषणा भी जल्द ही हो जाएगी। बस कुछ ही दिनों की बात है। यहां के विद्यार्थियों तथा लोगों को एम्स का तोहफा मिलकर रहेगा।
ज्ञात हो कि एम्स को श्रीनगर शिफ्ट किए जाने की बात कहकर विपक्षी दलों ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। भूख हड़ताल के साथ ही 31 जुलाई से 72 घंटे के जम्मू बंद का आह्वान किया गया है।