पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर उल्लंघन के मामले पर बोलते हुए भाजपा नेता वीके सिंह ने कहा कि, जब तक पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगा तब तक पाकिस्तान से कोई वार्ता नहीं की जाएगी।
वार्ता को इस लिए रोका गया है क्योंकि सीजफायर का उल्लंघन करके पाकिस्तान खुद वार्ता बंद करना चाहता है। दिल्ली के घाटी पहुंचे सिंह ने साफ किया कि सीमा पर गोलीबारी और वार्ता एक साथ नहीं हो सकते।
चीन द्वारा घुसपैठ के मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि, चीन के साथ सीमा पर लाइन ऑफ एक्च्युअल कंट्रोल है और इसके पालन के लिए दोनों देशों के बीच वार्ता चल रही है।
चीनी राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान भी सीमा विवाद का यह मुद्दे उठाया गया था।
दोषी को कड़ी सजा देती है सेना
सशस्त्र बल विशेष अधिकार (AFSPA) पर बोलते हुए वीके सिंह ने कहा, यह कोई ऐसा कानून नहीं है जो दोषी सैनिकों को बचाता हो। जैसा कि माच्छिल एनकाउंटर केस में देखा गया है कि दोषी अधिकारियों और सैनिकों को दोषी पाया गया और उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई गई है।
अफ्स्पा कोई विशेषाधिकार नहीं देता है। उन्होंने कहा कि, इस मामले में जितनी जल्दी सेना ने सजा सुनाई है उतने कम समय में सिविल कोर्ट भी फैसला नहीं सुना पाती है, यह मामला अपने आप में एक नजीर है।
इस कानून से केवल इतना लाभ मिलता है कि आपातकाल में सेना जल्द से जल्द एक्शन ले सकती है। अगर इस कानून का कोई भी गलत इस्तेमाल करता है तो सेना इसके दोषी जवान के
खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही करती है।
चिदंबरम बोले, यह गैरजरूरी कानून है
पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के अफ्स्पा पर दिए गए बयान पर टिप्पणी न करते हुए सिंह ने कहा कि, मैं इस बारे में टिप्पणी करना जरूरी नहीं समझता क्योंकि उनको यह तक नहीं पता कि वह बात किस संदर्भ में कर रहे थे।
बता दें कि चिदंबरम ने कहा था कि अफ्स्पा एक गैरजरूरी कानून है और आज के समय में ऐसे कानून के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।