जम्मू-कश्मीर से सैन्य कानून ‘सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम’ (अफस्पा) को हटाने के संबंध में केंद्र सरकार की तरफ से अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि जीवन रेड्डी कमेटी रिपोर्ट की सिफारिश के मुताबिक राज्य में सैन्य कानून हटाने पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है।
रिजिजू ने उच्च सदन में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि सुरक्षा के मामले में केंद्र सरकार काफी सावधानी से हालात की समीक्षा करती है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाओं समेत कई मंचों से मणिपुर में पूरी तरह और जम्मू-कश्मीर में चरणबद्ध तरीके से एएफएसपीए (अफस्पा) हटाने की मांग उठती रहती है।
इसके लिए मंत्रालय से भी संपर्क साधा जाता है। लेकिन सरकार जमीनी स्तर पर इसकी लगातार समीक्षा करती है। समीक्षा के आधार पर ही फैसला लिया जाता है।
मालूम हो कि रेड्डी कमेटी ने जम्मू-कश्मीर से सैन्य कानून हटाने की सिफारिश की थी। सरकार आतंकवाद से ग्रसित राज्य में तैनात सेना और अर्धसैनिक बल को विश्वास में लिए बिना यह कानून नहीं हटा सकती।