कारगिल के मोर्चे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का हर दांव पलट रहा है। लेह और कारगिल की चार सीटों में से तीन पर नेशनल कांफ्रेंस ने उम्मीदवार खड़े नहीं किए हैं। नेकां ने जंस्कार सीट पर एक निर्दलीय पर जिस इस्लामिया स्कूल के समर्थन के बूते दांव लगाया था उसने हाथ खींच लिए हैं।
इस्लामिया स्कूल अब पीडीपी को समर्थन दे रहा है। उमर ने कारगिल से मौजूदा विधायक और अपने राजनीतिक सलाहकार का टिकट काटकर काचो मोहम्मद हुसैन को मैदान में उतारा है। इसी तरह जंस्कार में मेडिकल एजूकेशन के राज्य मंत्री फिरोज अहमद खान भी उमर का भरोसा नहीं जीत पाए।
मंत्री खान और सलाहकार आखून के बगैर ही शीत रेगिस्तान में उतरी नेकां की चुनौतियां बढ़ती दिख रहीं हैं। नेकां इस क्षेत्र की एकमात्र नुब्रा सीट पर नाम्बियाल के भरोसे मैदान में है। नेकां के प्रत्याशियों की सूची ने सियासी पंडितों को भी चौंकाया।
चुनाव की घोषणा से पहले जिस कमर अली आखून को उमर ने अपना राजनीतिक सलाहकार बनाकर मंत्री पद के दर्जे से नवाजा था, वह टिकट नहीं पा सके। यह विधानसभा चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की गैर मौजूदगी में हो रहा है।