मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद भले ही जम्मू में एम्स की मांग को दरकिनार करते हुए एम्स की तर्ज पर रेशमघर स्थित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को अपग्रेड करने के दावे कर रहे हैं, मगर सुपर स्पेशलिटी में अभी बुनियादी सुविधाएं ही गायब हैं।
न कैंटीन, न दवाइयों की दुकानें, न एक्सचेंज। यही नहीं अस्पताल में कई यूनिटों में सर्जरी तो की जा रही है, मगर अस्पताल के पास अभी तक अपना ब्लड बैंक ही नहीं है। खून के लिए तीमारदारों को दूसरे अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
सुपर स्पेशलिटी में नेफरोलाजी, यूरोलाजी, सीटीवीएस, कार्डियोलाजी, न्यूरोसर्जरी, गेस्ट्रोलाजी यूनिट में ओपीडी के अलावा मरीजों को इंडोर वार्ड में इलाज दिया जा रहा है। इसमें यूरोलाजी, न्यूरो, कार्डियो में रोजाना सर्जरी की जा रही हैं, लेकिन सर्जरी के लिए अस्पताल में स्टोरेज सेंटर से ही काम चलाया जा रहा है।