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राज्यपाल के बयान पर जम्मू कश्मीर में सियासत गर्म

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राज्यपाल एनएन वोहरा के आतंक संबंधी मामलों पर केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारों को बढ़ाने के लिए रियासत की रणवीर दंड संहिता (आरपीसी) को एनआईए एक्ट की परिधि में लाने के बयान पर जम्मू कश्मीर की सियासत गर्मा गई है।
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रियासत के सियासी दलों में नेशनल कांफ्रेंस और सीपीएम में राज्यपाल के बयान पर आपत्ति जताई है। हालांकि भाजपा ने आतंकवाद पर सख्त कदम उठाने की बात कही है।

लेकिन राज्यपाल के बयान पर कोई सीधी प्रतिक्रिया न देकर बयान का अध्ययन करने की बात कही है। पीडीपी ने भी बयान का अध्ययन करने की बात कही है।
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रियासत की स्वायत्तता में और हस्तक्षेप राज्यपाल के बयान में झलक

पीडीपी के नेता एवं पूर्व मंत्री नईम अख्तर का कहना है कि पीडीपी पहले राज्यपाल के बयान का अध्ययन करेगी और उसके बाद ही कोई प्रतिक्रिया इस मामले में पेश करेगी।

नेशनल कांफ्रेंस के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी इस तरह के किसी भी कदम का समर्थन नहीं करेगी। वहीं सीपीएम के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी का कहना है कि रियासत की स्वायत्तता में और हस्तक्षेप राज्यपाल के बयान में झलक रहा है। उनका कहना है कि सीपीएम बयान का विरोध करती है।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि आतंकवाद से सख्ती से निपटना जरूरी है। हालांकि उनका कहना है कि जहां तक राज्यपाल के बयान का सवाल है तो पार्टी प्रतिक्रिया देने से पहले बयान का अध्ययन करेगी।
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