एनआईटी श्रीनगर में गैर कश्मीरी छात्रों की पुलिस द्वारा की गई धुनाई पर चौतरफा गुस्सा उबल उठा है। घटना की देश भर में निंदा के बाद केंद्र और राज्य सरकार भी हरकत में आई। मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी वीरवार को हालात का जायजा लेने श्रीनगर पहुंचेंगी।
इस बीच मानव संसाधन मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम बुधवार को एनआईटी पहुंची तो उसके सामने अपना दर्द बयान करते गैर कश्मीरी छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें किस तरह डराया-धमकाया जा रहा है। करियर चौपट कर देने की बात कही जारही है। उन्होंने एनआईटी को तुरंत शिफ्ट करने की मांग की। कैंपस में सुरक्षा के लिए सीआपीएफ और एसएसबी तैनात है।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल में और मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने सूरत में बताया कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने फोन पर उन्हें आश्वस्त किया है कि संस्थान के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली गई है। राज्य सरकार के अधिकारी प्रदर्शनकारी छात्रों तथा उनके अभिभावकों के संपर्क में हैं। सरकार ने कैंपस में लाठीचार्ज की घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
राज्य में गठबंधन सरकार की दूसरी पारी शुरू होते ही हुए इस बवाल ने भाजपा को असहज कर दिया है। पीडि़त छात्रों का कहना है कि देर शाम तक राज्य सरकार का कोई भी मंत्री उनका हाल जानने नहीं आया। जम्मू संभाग में पुलिसिया दमन के खिलाफ जबरदस्त उबाल दिखा। जगह-जगह प्रदर्शन कर दोषियों को दंडित किए जाने की मांग की गई।
तनाव के बीच बुधवार को भी संस्था के छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया औरधरना दिया। एनआईटी छात्रों के अभिभावकों ने जम्मू प्रेस क्लब के बाहर धरना प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय सहित कई कालेजों के विद्यार्थियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और रास्ता जाम किया।
एचआरडी की टीम ने छात्रों से की बातचीत
एनआईटी गेट पर तिरंगे के साथ छात्र
- फोटो : NIT छात्रों द्वारा भेजी गई फोटो
डिप्टी सीएम के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लोक जनशक्ति पार्टी की ओर से तवी पुल पर रास्ता जाम कर विरोध प्रदर्शित किया गया। सनद रहे कि यह बवाल टी-20 में भारत की हार पर स्थानीय छात्राें द्वारा भारत विरोधी नारे लगाने और गैर कश्मीरी छात्रों द्वारा उनका विरोध करने को लेकर शुरू हुआ था।
केंद्र से आई एचआरडी की टीम में मंत्रालय के निदेशक तकनीकी शिक्षा संजीव शर्मा, उप निदेशक वित्त फजल महमूद तथा एनआईटी बोर्ड आफ गवर्नर्स के चेयरमैन एमजे ज़राबी शामिल हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की।
छात्र देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपी एनआईटी के अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। टीम ने एनआईटी अधिकारियों से भी बात की।
डिप्टी सीएम ने राजनाथ सिंह को दी जानकारी
जम्मू में प्रदर्शन करती छात्राएं
- फोटो : Amar Ujala
जम्मू में गुस्साए छात्रों ने यूनिवर्सिटी, विक्रम चौक, तवी पुल, साइंस कालेज रोड को घंटों तक बंद रखा गया। गठबंधन सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। इन प्रदर्शनों में छात्रों के साथ बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल रहीं। हिंदूवादी संगठन बजरंग दल, शिव सेना डोगरा फ्रंट आदि ने भी प्रदर्शन किए। इसके साथ ही उधमपुर, कठुआ, राजोरी तथा अन्य स्थानों पर भी प्रदर्शन हुए।
डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह ने एनआईटी प्रकरण तथा अभिभावकों की चिंता से केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से छात्रों की सुरक्षा के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
जल्द ही स्थिति नियंत्रण में कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि डीजीपी को घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। लाठीचार्ज करने वालों को चिह्नित करने को कहा गया है। जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।